नई दिल्ली. जम्मू कश्मीर और आसपास के पहाड़ी इलाकों में मंगलवार से सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ और अरब सागर से उत्तर की ओर चली दक्षिण पश्चिमी हवाओं के साझा असर की वजह से राजस्थान, हरियाणा और दिल्ली सहित समूचे पश्चिमी भारत में भीषण गर्मी से अगले 24 घंटों में राहत मिलने की उम्मीद है. उल्लेखनीय है कि दिल्ली एनसीआर क्षेत्र में सोमवार को अब तक का सर्वाधिक 48 डिग्री और राजस्थान के चुरु में 50 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया था.

मौसम विभाग में उत्तर क्षेत्र की पूर्वानुमान इकाई के प्रमुख वैज्ञानिक कुलदीप श्रीवास्तव ने मंगलवार को बताया कि दिल्ली एनसीआर, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजस्थान सहित उत्तर पश्चिमी भारत के मैदानी इलाकों के तापमान में मंगलवार से चार डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जाएगी. मौसम विभाग के दिल्ली स्थित सफदरजंग केन्द्र ने इलाके का औसत अधिकतम तापमान सोमवार को 46 डिग्री की तुलना में मंगलवार को 41 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना व्यक्त की है. श्रीवास्तव ने बताया कि अरब सागर से चली दक्षिण पश्चिमी हवायें राजस्थान, हरियाणा और दिल्ली एनसीआर में नमी लेकर आ रही हैं. इसके अलावा एक पश्चिमी विक्षोभ भी उत्तर पश्चिमी भारत को प्रभावित कर रहा है.

इसकी वजह से 48 घंटों तक जम्मू-कश्मीर के ऊपरी इलाकों में बर्फबारी और निचले पहाड़ी इलाकों में तेज बारिश की संभावना को देखते हुए इसका असर उत्तर के मैदानी इलाकों के तापमान में गिरावट के रूप में दिखेगा. उन्होंने कहा कि दक्षिण पश्चिमी हवाओं और पश्चिमी विक्षोभ के संयुक्त प्रभाव की वजह से मंगलवार को सुबह से दिल्ली एनसीआर और राजस्थान के कुछ इलाकों में तेज हवाओं और हल्की बारिश का दौर शुरु हो चुका है. इसके कारण अगले तीन दिनों में धूल भरी हवाओं और हल्की फुल्की बारिश के साथ तापमान में चार डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जाएगी.

दिल्ली के पालम क्षेत्र में सोमवार को पिछले दो दशक में दर्ज किया गया सर्वाधिक 48 डिग्री सेल्सियस तापमान, आने वाले चार दिनों में 44 से 41 डिग्री और सफदरजंग क्षेत्र में तापमान 43 से 39 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है.