नई दिल्ली: आज से करीब 65 साल पहले बने जिंस एक्ट (Essential Commodity Act 1955) में सरकार बड़ा बदलाव करने जा रही है. ये एक्ट 1955 में बना था. ये एक्ट के तहत कई नियम ऐसे हैं, जो किसानों को सीमित करते हैं. इसमें बदलाव के बाद किसानों को अपनी मर्जी चलाने का मौका मिलेगा. इससे किसानों को फायदा होगा और उनकी आय बढ़ सकती है, इसकी पूरी संभावना है. आज आर्थिक पैकेज के तहत निर्मला सीतारमण ने इसका ऐलान करते हुए कहा कि इससे किसानों की आय में बढ़ोतरी होगी. निवेश भी बढ़ेगा. Also Read - 31 मई के बाद क्या चाहते हैं राज्य? गृह मंत्री अमित शाह ने पीएम मोदी को बताए मुख्यमंत्रियों के सुझाव

जिंस एक्ट 1955 (Essential Commodity Act 1955)
– पुरानी व्यवस्था में अभी किसान अपनी फसल सिर्फ लाइसेंसी व्यापारियों को ही बेच सकते हैं.
– किसान अपनी फसल दूसरे राज्य में नहीं बेच सकते, इस पर रोक है.
– सरकारी और प्रशासनिक सुधार के लिए जिंस एक्ट 1955 में लागू हुआ था.
– इसे लेकर अभी किसानों के पास बहुत अधिक विकल्प नहीं होते हैं.
– अनाज, तिलहन, प्याज, आलू आदि इसके तहत आते हैं. Also Read - अगर लॉकडाउन बढ़ा तो इस बार कितनी मिलेगी छूट? पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के बीच मंथन जारी

बदलाव हुआ तो बदलेंगी ये चीज़ें
– अगर इस एक्ट में बदलाव हुआ तो किसानों के लिए कई रास्ते खुल जाएंगे.
– किसान अपनी फसल को दूसरे राज्य में भी बेच सकेंगे.
– किसान दूसरे राज्य में फसल बेच सकें, इसके लिए एक केंद्रीय कानून बनाया जाएगा.
– लाइसेंसी व्यापारी की बजाय किसी को भी अपनी फसल बेच सकेंगे.
– निर्मला सीतारमण के मुताबिक इससे किसान अपने मुताबिक़ भी फसल की कीमत लगा सकेंगे. मनमर्जी चल सकेगी.
– इससे प्रतिस्पर्धा और निवेश बढ़ेगा. Also Read - Lockdown 5.0 की तैयारी शुरू, रेड जोन्स में बढ़ेगी सख्ती, इन 13 शहरों पर होगा खास ध्यान, जानें क्या होंगे नए नियम