नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने आज यानी सोमवार को केंद्र सरकार को आदेश दिया कि वह सेना की उन सभी महिला अधिकारियों को तीन महीने के भीतर स्थाई कमीशन दें जिन्होंने इसके लिए आवेदन किया है. कोर्ट ने यह भी कहा कि महिलाओं को कमांड पोस्टिंग पर नियुक्ति दिए जाने पर पूर्ण प्रतिबंध नहीं लगाया जा सकता. सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से सेना में महिला अधिकारियों के बीच खुशी की लहर दौड़ गई. आई हम आपको बताते हैं कि सेना में मिलने वाले परमानेंट कमीशन क्या है. Also Read - Army Day 2021: आर्मी चीफ का चीन को स्पष्ट संदेश, कहा- भारतीय सेना के धैर्य की परीक्षा न ले कोई देश, हम...

सेना में मिलने वाले परमानेंट कमीशन

सेना में दो अभी तक दो तरह के कमीशन दिए जाते हैं- परमानेंट कमीशन और शॉर्ट सर्विस कमीशन. परमानेंट कमीशन के तहत रिटायरमेंट की उम्र तक सेना में अपनी सेवाएं दे सकते हैं. शॉर्ट सर्विस कमीशन के तहत सिर्फ 14 साल तक की सर्विस लिमिट होती है. उसके बाद उन्हें सेना से ऑप्ट आउट कर दिया जाता है. वहीं दूसरी ओर पुरूष उम्मीदवार सेना में परमानेंट कमीशन के लिए अप्लाई कर सकते हैं. इसमें बराबरी के लिए सालों से मांग चल रही थी. Also Read - Army Day 2021: BJP ने सेना दिवस के अवसर पर साझा किया बेहतरीन वीडियो, दिखा जवानों का पराक्रम

परमानेंट कमीशन को लेकर सुप्रीम कोर्ट का फैसला

न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने केंद्र सरकार की उस दलील को खारिज कर दिया जिसमें शारीरिक सीमाओं और सामाजिक चलन का हवाला देते हुए सेना में महिला अधिकारियों को स्थाई कमीशन नहीं देने की बात कही गई थी. कोर्ट ने कहा कि यह दलील परेशान करने वाली और समानता के सिद्धांत के विपरीत है. पीठ ने कहा कि अतीत में महिला अधिकारियों ने देश का मान बढ़ाया है और सशस्त्र सेनाओं में लिंग आधारित भेदभाव को समाप्त करने के लिए सरकार की मानसिकता में बदलाव जरूरी है. Also Read - Indian Army Recruitment Rally 2021: 10वीं, 12वीं के लिए भारतीय सेना में नौकरी करने का सुनहरा मौका, आवेदन प्रक्रिया शुरू, इस Direct Link से करें अप्लाई

दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले की आनाकानी

कोर्ट ने कहा कि महिला अधिकारियों को स्थायी कमीशन देने के 2010 के दिल्ली हाई कोर्ट के निर्णय पर रोक न होने के बावजूद केंद्र सरकार ने पिछले एक दशक में सेना में महिलाओं को स्थाई कमीशन देने में आनाकानी की. गौरतलब है कि दिल्ली उच्च न्यायालय ने महिला अधिकारियों को सेना में स्थायी कमीशन देने का आदेश 2010 में दिया था.