अब एक जगह से होगी फोन, बैंक और ऐप की निगरानी... क्या S4C डैशबोर्ड? कैसे लगाएगा ये साइबर अपराधियों पर नकेल

S4C dashboard: देश के गृहमंत्री अमित शाह ने साइबर अपराधों पर लगाम लगाने के लिए S4C डैशबोर्ड लॉन्च किया है. यह एक सेंट्रलाइज्ड प्लेटफॉर्म है जहां बैंक, पुलिस, टेलीकॉम और जांच एजेंसियां मिलकर रियल-टाइम में डेटा शेयर करेंगी.

Published date india.com Published: February 11, 2026 12:39 PM IST
Amit shah S4C dashboard
गृहमंत्री ने S4C डैशबोर्ड का उद्घाटन किया है. ये डैशबोर्ड साइबर अपराधियों के पैसे ठगने से ट्रांसफर करने तक की एक्टिविटी पर नजर रखेगा.

डिजिटल इंडिया के दौर में जहां एक तरफ सुविधाएं बढ़ी हैं, वहीं साइबर ठग भी हाई-टेक हो गए हैं. इसी चुनौती से निपटने के लिए गृह मंत्री अमित शाह ने S4C (State Cyber Crime Coordination Centre) डैशबोर्ड लॉन्च किया है. यह I4C (Indian Cyber Crime Coordination Centre) के तहत काम करने वाला एक ऐसा डैशबोर्ड है, जो देश भर की पुलिस और जांच एजेंसियों को रियल टाइम में इंफोर्मेशन उपलब्ध करवाएगा.

कैसे लगाएगा यह साइबर अपराधियों पर नकेल?

अब तक साइबर क्राइम के मामलों में बैंक, सिम कार्ड कंपनियां और पुलिस अलग-अलग काम करते थे, जिससे अपराधी बच निकलते थे. S4C डैशबोर्ड के आने से अब रियल-टाइम ट्रैकिंग होगी. जैसे ही ठगी की रिपोर्ट होगी, बैंक और पुलिस तुरंत उस ट्रांजैक्शन को ट्रैक कर पाएंगे. अपराधी ने किस सिम का उपयोग किया और किस बैंक खाते में पैसे भेजे, इसकी जानकारी सभी एजेंसियों को एक साथ मिलेगी. यह डैशबोर्ड जांच और एजेंसियों के क्विक रिस्पांस की गति को कई गुना बढ़ाएगा. S4C डैशबोर्ड सिस्टम विक्टिम-सेंट्रिक है. इसमें धोखाधड़ी की रिपोर्टिंग तेज होगी, फंड को तुरंत ट्रेस किया जा सकेगा और साथ ही साक्ष्यों (Evidence) को सुरक्षित रखकर अपराधियों को अदालत में दोषी ठहराना आसान होगा.

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S4C डैशबोर्ड के करेगा इन तीनों की निगरानी

साइबर अपराध का एक पूरा इकोसिस्टम होता है, जिसे यह डैशबोर्ड पूरी तरह से लगाम लगाएगा.

  • जाली (Mule) बैंक खातों और मनी लॉन्ड्रिंग पर लगाम,
  • फर्जी सिम कार्ड और ई-सिम (e-SIM) के दुरुपयोग को रोकना,
  • साइबर फ्रॉड और मानव तस्करी के जरिए चलाए जा रहे स्कैम सेंटर्स की पहचान,

हमारे देश में इंटरनेट यूजर्स की संख्या 25 करोड़ से बढ़कर 100 करोड़ (1 बिलियन) के पार पहुंच गई है. वहीं, ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी की संख्या में 16 गुना की बढ़ोतरी हुई है. भारतनेट के जरिए गांव-गांव को सरकार ने इंटरनेट से जोड़ा है, जहां इससे 11 साल पहले सिर्फ 546 पंचायतें जुड़ी थीं, आज 2 लाख से ज्यादा जुड़ी हैं. UPI के यूजेस भी काफी बढ़ा है. साल 2024 में भारत में 181 बिलियन से अधिक डिजिटल ट्रांजैक्शन हुए, जिनकी कुल वैल्यू 233 ट्रिलियन रुपये से ज्यादा है. इतनी बड़ी डिजिटल अर्थव्यवस्था की सुरक्षा के लिए ही S4C जैसे डैशबोर्ड की आवश्यकता थी.

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CBI और राज्यों की पुलिस अब एक साथ

S4C डैशबोर्ड के साथ-साथ CBI की नई साइबर क्राइम ब्रांच का भी उद्घाटन किया गया है. अब CBI, NIA, ED और राज्यों की पुलिस के बीच कोई कम्युनिकेशन गैप नहीं रहेगा. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डेटा एनालिटिक्स का उपयोग करके अपराधी की लोकेशन और उसके नेटवर्क को चंद मिनटों में डिकोड किया जा सकेगा.

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