Budget of India and Pakistan: अंग्रेजी हूकूमत से मिली आजादी के बाद भारत से अलग होकर पाकिस्तान नया देश बना. ब्रिटिश शासन से मुक्ति मिलने के बाद दोनों देशों ने अपनी विकास की यात्रा एक साथ शुरू की. लेकिन धर्म के आधार पर बना पाकिस्तान भारत से विकास के मामले में बहुत पीछे छूट गया.
दोनों देशों ने लगभग समान चुनौतियों का सामना किया. सारी चुनौतियों से निपटते हुए भारत ने हर क्षेत्र में अपनी धाक दुनिया में जमाई. लेकिन, पाकिस्तान ने मजहबी कट्टरपंथ का रास्ता चुनने की कीमत चुकाई और भारत से बहुत पीछे रह गया. इसका अंदाजा दोनों देशों के बजट से लगाया जा सकता है.
आजादी के भारत का पहला बजट 171.15 करोड़ रुपये का था. यह बढ़कर जुलाई 2024 तक 48 लाख 20 हजार 512 करोड़ पहुंच चुका है. वहीं पाकिस्तान ने वित्त वर्ष 2024-25 के लिए 18,877 अरब पाकिस्तानी रुपये का बजट पारित किया था. वर्तमान में भारत का 1 रुपया पाकिस्तान के 3.22 रुपये (PKR) के बराबर है.
आजादी के 77 सालों बाद पाकिस्तान की हालत ऐसी है कि अगर उसे आईएमएफ से लोन न मिले और चीन और सऊदी जैसे देशों से मदद न मिले तो देश चलाना मुश्किल हो जाएगा.
जीडीपी के मामले में पाकिस्तान भारत के सामने कहीं नहीं टिकता. आजादी के समय भारत की जीडीपी 2 लाख 33 हजार करोड़ की थी. यह आज बढ़कर 3.39 ट्रिलियन डॉलर यानि लगभग 294 लाख करोड़ की हो चुकी है. वहीं पाकिस्तान की जीडीपी आजादी के समय लगभग 26 हजार करोड़ रुपये की थी. यह आज भी महज 375 अरब डॉलर है. पाकिस्तान की जीडीपी भारत के मुकाबले 10 गुना छोटी है.
2024-25 के लिए भारत का शिक्षा बजट 1 लाख 20 हजार करोड़ था. स्वास्थ्य के लिए भारत का बजट 87 हजार करोड़ से अधिक था. भारत का रक्षा बजट पिछले वित्त वर्ष में 6.22 लाख करोड़ का था. अगर पाकिस्तान की बात करें तो इसने 2022 में शिक्षा पर 1101 अरब रुपये और स्वास्थ पर 24.21 अरब खर्च किया. किस्तान का आखिरी रक्षा बजट 1 लाख 10 हजार करोड़ था.
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