नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि मोदी सरकार भविष्यमुखी सिविल सेवा निर्माण के प्रति प्रतिबद्ध है. सिविल सर्विसेज में संरचनात्मक परिवर्तन लाने के लिए कैबिनेट की ओर से मिशन कर्मयोगी को मंजूरी देने के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया है. कहा है कि यह समग्र और विस्तृत योजना व्यक्तिगत के साथ-साथ संस्थागत क्षमता के निर्माण पर केन्द्रित होगी.Also Read - अमित शाह ने कहा, अन्याय का समय खत्‍म, विकास के युग में कोई खलल नहीं डाल पाएगा

गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, “यह 21वीं सदी के लिए एक ऐतिहासिक सुधार है जो अलग-अलग काम करने की संस्कृति को समाप्त कर, एक नई कार्य संस्कृति की शुरूआत करेगा. व्यवस्था में जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए लक्ष्य आधारित और निरंतर प्रशिक्षण व्यवस्था से सिविल सेवक सशक्त व संवेदनशील बनेंगे.” Also Read - जी-20 शिखर सम्मेलन 30 अक्टूबर को, पीएम मोदी अफगान संकट पर कर सकते हैं ये आह्वान

गृहमंत्री अमित शाह ने यह भी कहा कि “यह सुधार सरकारी कर्मचारियों को अपना प्रदर्शन बेहतर करने का तंत्र प्रदान करने के साथ ही उन्हें न्यू इंडिया की अपेक्षाओं को साकार करने योग्य भी बनायेगा. मोदी सरकार भविष्य की जरूरतों के मद्देनजर सिविल सर्विसेज को तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध है. ” Also Read - Vaccine Century: कोरोना टीका बनाने वाली सात भारतीय कंपनियों के निर्माताओं से मिले पीएम मोदी, कई अहम मुद्दों पर हुई चर्चा

सिविल सेवकों की क्षमता बढ़ाने के लिए ‘मिशन कर्मयोगी’
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में सिविल सेवकों की क्षमता बढ़ाने के लिए ‘मिशन कर्मयोगी’ को मंजूरी मिली. इसके तहत सिविल सेवकों को और पेशेवर बनाने की सरकार की मंशा है. प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में एचआर काउंसिल भी गठित होगी.