पोलाची: तमिलनाडु सरकार ने पोलाची यौन उत्पीड़न व ब्लैकमेलिंग के मामले की सीबीआई जांच को अपनी मंजूरी दे दी. लेकिन मामले से जुड़े कई तथ्यों के सामने आने से सनसनी फैली हुई है और राज्य में विरोध प्रदर्शन बढ़ता जा रहा है. गुरुवार को पोलाची के कॉलेजों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और अवकाश घोषित कर दिया गया. अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर छात्रों के प्रदर्शन के बाद अधिकारियों ने कस्बे के सभी कॉलेजों को बंद कर दिया. मामले के अभियुक्त थिरुनावुक्कारसु, सबरीराजन, वसंथकुमार, सतीश हिरासत में हैं. बता दें कि इस मामले के सामने आने के बाद

इस गैंग द्वारा बहुत से कॉलेज की शिक्षिकाओं से लेकर छात्राओं और यहां तक कि कामकाजी पेशेवरों और अन्य महिलाओं के यौन उत्पीड़न व इन्हें ब्लैकमेल करने के मामलों के सामने आने के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है.

इस तरह के वीडियो सामने आए हैं, जिसमें स्पष्ट रूप से दिख रहा है पीड़ितों को प्रलोभन देकर एकांत स्थानों पर ले जाया गया और उनसे छेड़छाड़ की गई, फिल्म बनाई गई और फिर फिल्म को जारी करने की धमकी देकर पैसे के लिए ब्लैकमेल किया गया. मद्रास उच्च न्यायालय ने बुधवार को इस भयावह अपराध की खराब कवरेज को लेकर मीडिया को आड़े हाथो लिया.

एक अधिकारी ने कहा कि अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (अन्नाद्रमुक) सरकार ने कोयंबटूर पुलिस से मामले को क्राइम ब्रांच-क्राइम इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (सीबीसीआईडी) को भेजे जाने के तुरंत बाद मामले को सीबीआई को सौंपने का फैसला किया.

बता दें कि बीते माह 12 फरवरी को एक युवती से यौन उत्पीड़न और ब्लैकमेल करने वाले एक गिरोह पर शिकंजा कसते हुए पुलिस ने मंगलवार को इस मामले को अपराध शाखा-सीआईडी के पास भेज दिया था और चार आरोपियों पर गुंडा कानून लगाया.

उत्पीड़न के मामले में सत्तारूढ़ अन्नाद्रमुक को उस समय असहज स्थिति का सामना करना पड़ा, जब उसके एक स्थानीय पदाधिकारी ने 19 वर्षीय पीड़िता के भाई पर हमला किया. अन्नाद्रमुक ने इस पदाधिकारी को निष्कासित कर दिया. उसे बाद में गिरफ्तार कर लिया गया.

राज्य पुलिस के एक शीर्ष अधिकारी ने बताया था कि हमने पोलाची महिला उत्पीड़न मामले को सीबी-सीआईडी के पास स्थानांतरित कर दिया है. कोयम्बटूर जिला कलेक्टर राजामणि ने पुलिस अधीक्षक आर पांडिराजन की सिफारिशों के बाद गुंडा कानून के तहत आरोपियों को हिरासत में लिए जाने के आदेश दिए गए थे.

चार आरोपियों तिरूनावक्कारासु, सतीश, सबरीराज और वसंतकुमार के खिलाफ आईपीसी की विभिन्न धाराओं और तमिलनाडु राज्य महिला उत्पीड़न निषेध अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है और वे पहले से ही जेल में है.

पुलिस के अनुसार गत 12 फरवरी को कोयम्बटूर जिले में पोलाची के निकट एक कार के भीतर चार लोगों ने युवती का उत्पीड़न करने का प्रयास किया और इस कृत्य का एक वीडियो बनाया और उसे ब्लैकमेल किया. पीड़िता ने 24 फरवरी को पुलिस के समक्ष एक शिकायत दर्ज कराई थी. पुलिस ने बताया कि इस सिलसिले में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया था. द्रमुक अध्यक्ष एमके स्टालिन ने हाल ही में इस मुद्दे पर सत्तारूढ़ अन्नाद्रमुक पर हमला करते हुए पूछा कि क्या सत्तारूढ़ पार्टी आरोपी को बचा रही है. दूसरी पार्टियों के नेताओं ने भी इस मुद्दे पर तीखी प्रतिक्रिया की.