प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 18 साल में हिमालय चले जाने और संन्यास लेने की बात सभी जानते हैं। कई सार्वजनिक मंचो से प्रधानमंत्री भी यह बात स्वीकार कर चुके हैं। लेकिन पिछले दिनों वाट्सऐप पर वायरल हो रहे मैसेज ने हड़कम्प मचा दिया। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस मैसेज में लिखा है कि नरेंद्र मोदी ने 18 साल की उम्र में संन्यास नहीं लिया था बल्कि चोरी करने के कारण उन्हें घर से निकाल दिया गया था। मैसेज में अमर उजाला का स्क्रीन शॉट भेजा जा रहा है जिसमें नरेंद्र मोदी के भाई प्रहलाद मोदी के हवाले से यह खबर लिखी गई है। यह भी पढ़ेंः नरेंद्र मोदी के सबसे बड़े सीक्रेट का हुआ ख़ुलासा; सालों पहले एक म्यूजिक विडियो में किया था काम

नरेंद्र मोदी के छोटे भाई प्रहलाद मोदी... बीच में ( फोटो साभार- द हिंदू)

नरेंद्र मोदी के छोटे भाई प्रहलाद मोदी… बीच में ( फोटो साभार- द हिंदू)

इस मैसेज की पड़ताल कर रहे एबीपी न्यूज ने पाया कि यह वायरल मैसेज अफवाह भर है। इसमें रत्ती भर भी सच्चाई नहीं है। समाचार चैनल ने जब नरेंद्र मोदी के भाई प्रहलाद मोदी से बात की तो उन्होंने इस बात से साफ इंकार किया। उन्होंने कहा मैंने अमर उजाला को कोई इंटरव्यू नहीं दिया। उन्होंने कहा कि ये एक साजिश है नरेंद्र भाई मोदी को बदनाम करने की और परिवार के बीच में फूट डालने की। यह भी पढ़ेंः जानिए किसे मानते है नरेंद्र मोदी अपना आदर्श, देखें वीडियो

प्रहलाद मोदी ने बताया कि उन्होंने अमर उजाला के मुख्य संपादक से भी बात की है। उन्होंने भी ऐसी किसी खबर को छापने से इंकार किया है। अमर उजाला के संपादक ने कहा कि वे ऐसी हरकतों की निंदा करते हैं और इस संबंध में एफआईआर दर्ज करवाएँगे। इन दोनों संलिप्त पक्षों के स्पष्टीकरण के बाद वायरल हो रहा मैसेज अफवाह साबित हुआ है। पहले भी नरेंद्र मोदी की बीती जिंदगी के बारे में खुलासे होते रहे हैं। उन खबरों पर कई बार प्रधानमंत्री खुद मुहर लगा देते हैं तो कई बार वो निराधार साबित होती हैं। ये वायरल मैसेज प्रधानमंत्री को बदनाम करने के उद्देश्य से प्रसारित किया जा रहा था और निराधार साबित हुआ।