नई दिल्लीः किसी विमान में केबिन प्रेशन को कंट्रोल न कर पाना यात्रियों के लिए काफी महंगा साबित हो सकता है. कुछ ऐसा ही माजरा 13 साल पहले हुआ था जब एक बोइंग विमान में केबिन प्रेशर कंट्रोल नहीं किया गया और इस कारण वह विमान ग्रीस की पहाड़ियों पर दुर्घटनाग्रस्त हो गया और उसमें सवार 121 लोगों की जान चली गई. इस हादसे के एक साल बाद जांचकर्ताओं ने बताया कि केबिन प्रेशन को कंट्रोल करने में हुई चूक के कारण यह हादसा हुआ था.Also Read - Rakesh Jhunjhunwala News: उड्डयन क्षेत्र में निवेश की तैयारी में राकेश झुनझुनवाला, जानिए- क्या है आगे का प्लान?

एक दिन पहले गुरूवार को जेट एयरवेज की मुंबई से जयपुर जा रही उड़ान के दौरान चालक दल केबिन में हवा का दबाव नियंत्रित करने वाले स्विच को ऑन करना भूल गया जिसकी वजह से कम से कम 30 यात्रियों के नाक और कान से खून बहने लगा. अगर समय रहते विमान को नीचे नहीं उतारा गया होता तो यह लापरवाही काफी महंगा पड़ सकता था. इस मामले में उड़ान के कॉकपिट क्रू को ड्यूटी से हटा दिया गया है और एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टीगेशन ब्यूरो (एएआईबी) को घटना की जांच के आदेश दिए गए हैं. विमान में 171 लोग सवार थे. एएआईबी के एक अधिकारी ने बताया कि यह मामला पायलटों की तरफ से की गई लापरवाही का हो सकता है क्योंकि केबिन प्रेशर को नियंत्रित करने की प्रक्रिया उड़ान के संचालन से पहले की जाने वाली जांच का हिस्सा होती है. Also Read - एनसीएलटी ने जेट एयरवेज के लिए जालान कलरॉक गठजोड़ की समाधान योजना को मंजूरी दी

सूत्रों ने कहा था कि करीब 23 मिनट तक उड़ान भरने के बाद मुंबई लौटने वाले इस विमान के पायलटों में से एक पांच सालों से ज्यादा समय से कैप्टन है. नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) के एक अधिकारी ने बताया कि उड़ान भरते समय चालक दल के सदस्य ‘ब्लीड स्वीच’ सेलेक्ट करना भूल गये, जिसकी वजह से केबिन प्रेशर सामान्य नहीं रखा जा सका. इस वजह से ऑक्सीजन मॉस्क नीचे आ गए. जेटएयरवेज के प्रवक्ता ने बताया कि केबिन प्रेशर में कमी आने के कारण बोईंग 737 विमान को वापस मुंबई लौटना पड़ा. जांच पूरी होने तक विमान के पायलटों को ड्यूटी से हटा दिया गया है. सामान्यतौर पर एक विमान 35 हजार की फीट पर उड़ान भरता है. एक पायलट ने बताया कि ऊंचाई पर ऑक्सीजन की कमी के कारण यात्रियों को कई परेशानी हो सकती है. Also Read - 18 साल बाद यूनान के दौरे पर जाएंगे भारतीय विदेश मंत्री, इटली की यात्रा भी करेंगे जयशंकर

यात्री ने मांगा 30 लाख रुपये का मुआवजा
इलाज के लिए अस्पताल भेजे गए पांच में से एक जेट एयरवेज के यात्री ने एयरलाइन से 30 लाख रुपये का मुआवजा तथा 100 अपग्रेड वाउचर्स की मांग की है. एयरलाइन के सूत्रों ने गुरुवार को यह जानकारी दी. इस यात्री ने एयरलाइन द्वारा देखभाल में कमी का आरोप लगाया है. सूत्रों ने बताया कि इसके अलावा यात्री ने उड़ान का वीडियो भी ‘शेयर’ करने की धमकी दी है.