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नेहरू ने कहा था- बहुत आगे जाओगे, अटल ने उन्हीं का रिकॉर्ड तोड़ साबित किया
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी नहीं रहे. 50 साल तक कांग्रेस विरोध की राजनीति करने वाले अटल की छवि एक अजात शत्रु की तरह रही.
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी नहीं रहे. 50 साल तक कांग्रेस विरोध की राजनीति करने वाले अटल की छवि एक अजात शत्रु की तरह रही. लाख राजनीतिक विरोध के बाद भी दूसरी पार्टी के लोग उनसे व्यक्तिगत बैर नहीं रखते थे. एक स्वयंसेवक से लेकर देश के प्रधानमंत्री तक के सफर में अटल ने कई उतार-चढ़ाव देखें, लेकिन जो नियत रहा वह उनका स्वभाव और व्यक्तित्व था. वह देश के ऐसे नेता रहे जिन्होंने जवाहर लाल नेहरू, इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ राजनीति की.
जब नेहरू ने की थी तारीफ
अटल बिहारी वाजपेयी युवा वस्था से ही राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से जुड़ गए थे. साल 1947 में वह संघ के प्रचार बने. सन 1951 में उन्होंने दिनदयाल उपाध्याय के साथ भारतीय जनसंघ की आधारशीला रखी. साल 1957 में उन्हें यूपी के गोंडा की बलरामपुर सीट से जीत मिली और वह लोकसभा पहुंचे. इस दौरान जवाहर लाल नेहरू देश के प्रधानमंत्री थे. कहा जाता है कि संसद में अटल बिहारी वाजपेयी के भाषण को सुनकर नेहरू ने उनकी तारीफ की थी. नेहरू ने कहा था कि आप बहुत आगे जाओगे.
कांग्रेस विरोध की राजनीति
अटल बिहारी वाजपेयी अपने पूरे जीवन में कांग्रेस विरोध की राजनीति करते रहे. नेहरू के जमाने में उन्होंने जनसंघ से जो शुरूआत की वह साल 2004 तक जारी रखी. इस दौरान इंदिरा गांधी द्वारा लगाए गए इमरजेंसी में वह जेल भी गए. लेकिन उन्होंने अपनी विचारधारा से कोई समझौता नहीं किया. वह कांग्रेस का विरोध करते रहे और अपनी पार्टी का विस्तार करते रहे. जनसंघ, जनता पार्टी से लेकर भाजपा तक वह पार्टी की धुरी बने रहे.
अजात शत्रु
अटल बिहारी वाजपेयी लगातार विपक्ष में रहे. सत्ता से टकराते रहे. मुद्दे उठाते रहे. सरकार की नीतियों से मतभेद रखते रहे. लेकिन इस दौरान उन्होंने मनभेद नहीं रखा. दूसरी पार्टी के लोग भी उनका सम्मान करते थे. यही नहीं, वह भी दूसरी पार्टी के लोगों को व्यक्तिगत तौर पर सम्मान देते थे. कहा जाता है कि नेहरु, इंदिरा से लेकर राजीव तक से उनके अच्छे व्यक्तिगत रिश्ते रहे हैं.
तीन बार देश के प्रधानमंत्री बने
नेहरू 1947 से 1964 तक देश के प्रधानमंत्री रहे. इस दौरान उन्होंने तीन चुनाव जीते. इसके बाद से अटल बिहारी वाजपेयी ही एक ऐसे शख्स हैं, जिन्होंने नेहरू का रिकॉर्ड तोड़ा. अटल 1966, 1988 और 1999 में तीन बार देश के प्रधानमंत्री बने. साल 1999 से 2004 तक वह 5 साल तक कार्यकाल पूरा करने वाले पहले गैरकांग्रेसी प्रधानमंत्री बने.
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