भारत में बनी पहली सेमीकंडक्टर चिप कब आएगी? निर्माण शुरू...जल्द ही देश बनेगा बड़ा वैश्विक खिलाड़ी
अश्विनी वैष्णव के अनुसार, 28-90 एनएम की सेमीकंडक्टर चिप इस साल बाजार में आएगी. भारत ने एक टारगेटेड एप्रोच का उपयोग करते हुए एक विशेष सेगमेंट को टारगेट किया है, जिसकी बाजार हिस्सेदारी 60 प्रतिशत है.
First semiconductor chip made in India: केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि घरेलू स्तर पर निर्मित देश की पहली सेमीकंडक्टर चिप इस साल जारी होने की उम्मीद है. अश्विनी वैष्णव ने केशव मेमोरियल एजुकेशनल सोसाइटी’ के 85वें स्थापना दिवस समारोह में कहा कि भारत सेमीकंडक्टर उद्योग में एक महत्वपूर्ण वैश्विक खिलाड़ी बनने की ओर अग्रसर है.
उन्होंने कहा कि आज कुछ सबसे जटिल चिप हैदराबाद, बेंगलुरु, पुणे, गुरुग्राम और चेन्नई जैसे शहरों में डिजाइन किए जाते हैं. वैष्णव ने कहा कि अब हम सेमीकंडक्टर चिप का निर्माण शुरू कर रहे हैं. हमने पहले ही छह सेमीकंडक्टर संयंत्र को मंजूरी दे दी है. हमारे पास 2025 में पहली भारत निर्मित (सेमीकंडक्टर) चिप होगी.
अश्विनी वैष्णव के अनुसार, 28-90 एनएम की सेमीकंडक्टर चिप इस साल बाजार में आएगी. भारत ने एक टारगेटेड एप्रोच का उपयोग करते हुए एक विशेष सेगमेंट को टारगेट किया है, जिसकी बाजार हिस्सेदारी 60 प्रतिशत है.
बता दें कि सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग में छोटे नैनोमीटर (एनएम) का माप अधिक कॉम्पैक्ट ट्रांजिस्टर डिजाइन को दर्शाता है जिससे निर्माताओं को एक ही चिप पर अधिक ट्रांजिस्टर फिट करने की सुविधा मिलती है. 28-90 एनएम चिप का उपयोग ऑटोमोटिव, दूरसंचार, बिजली और ट्रेनों में किया जाता है.
सेमीकंडक्टर क्षेत्र रॉकेट की रफ्तार से बढ़ रहा है
मैनेजमेंट कंसल्टिंग फर्म मैकिन्से एंड कंपनी की एक लेटेस्ट रिपोर्ट में कहा गया है कि भविष्य में सेमीकंडक्टर क्षेत्र के राजस्व को लेकर भी अच्छी संभावनाएं बनी हुई हैं. विशेषकर जब इस क्षेत्र में कई भारतीय परियोजनाएं शुरू हो रही हैं. सेमीकंडक्टर क्षेत्र का राजस्व 2023 में 40-45 बिलियन डॉलर से बढ़कर 2030 तक 100-120 बिलियन डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है.
(इनपुट- एजेंसी)
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