नई दिल्ली| न्यायालय की अवमानना मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा 6 महीने जेल की सजा सुनाए जाने के बाद से कलकत्ता हाई कोर्ट के जज सी.एस.कर्णन गायब हैं. पुलिस अभी तक उन्हें ढूंढ नहीं पाई है. सुप्रीम कोर्ट ने सजा सुनाने के बाद पश्चिम बंगाल पुलिस को तुरंत उनकी गिरफ्तारी के आदेश दिए थे. जस्टिस कर्णन आखिरी बार उस प्रेस कॉन्फ्रेंस में मंगलवार को नजर आए थे जो उन्होंने अपना पक्ष रखने के लिए किया था. अब पुलिस उनकी तलाश तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में भी करेगी.Also Read - Supreme Court On DMRC: सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की DMRC की समीक्षा याचिका, रिलायंस इंफ्रा की याचिका पर 6 दिसंबर को होगी सुनवाई

पश्चिम बंगाल पुलिस बुधवार कर्णन की तलाश में चेन्नई पहुंची जहां सूत्रों से पता चला कि वह सरकारी गेस्ट हाउस से आंध्र प्रदेश के श्रीकालाहस्ती स्थित शिव मंदिर के लिए निकले हैं लेकिन यहां से 120 किलोमीटर की दूरी पर स्थित मंदिर के कर्मचारी ने टेलीफोन पर बताया कि कर्णन का कोई अता-पता नहीं है. उनके मुताबिक, वह न तो कल और न ही आज यहां पहुंचे हैं. Also Read - Indian Air force ke Fighter Jet मिराज का टायर चुरा ले गए चोर, लखनऊ में FIR दर्ज

हालांकि कर्णन के वकील मैथ्यू नादुम्पारा ने आज सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करके उन्हें न्यायालय की अवमानना का दोषी ठहराने का आदेश वापस लेने का अनुरोध किया है. इस संबंध में प्रधान न्यायाधीश जगदीश सिंह खेहर की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ के समक्ष इस याचिका का उल्लेख किया गया जो इस पर गौर करने के लिये सहमत हो गयी. Also Read - 18 लोगों की मौत से 'जागी' कोलकाता पुलिस, थके हुए ड्राइवरों को पिलाएगी गर्म चाय; जानिए क्यों?

खेहर ने कर्णन के वकील से पूछा कि न्यायमूर्ति कर्णन कहां है, जिस पर उन्होंने कहा कि वह चेन्नई में ही हैं. याचिका ऐसे समय में आई है, जब कर्णन कहां हैं, इसे लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं.

रिपोर्ट्स के मुताबिक पुलिस जस्टिस कर्णन की तलाश करने के लिए उनके मोबाइल कॉल्स ट्रैक करने की कोशिश कर रही है. वहीं कर्णन के करीबी और कानूनी सलाहकार डब्ल्यू पीटर रमेश कुमार के मुताबिक कर्णन गिरफ्तारी से बचने के लिए देश से बाहर (नेपाल या बांग्लादेश) जाने की आशंका जता रहे हैं. हालांकि इस बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिल सकी है.

सर्वोच्च न्यायालय ने पश्चिम बंगाल के पुलिस महानिदेशक को तत्काल न्यायमूर्ति कर्णन की गिरफ्तारी के आदेश पर अमल करने के लिए एक टीम गठित करने का आदेश दिया है. सर्वोच्च न्यायालय ने मीडिया पर भी न्यायमूर्ति कर्णन की किसी भी टिप्पणी को छापने पर रोक लगा दी है.