सरकारी बैंकों के करीब 9 हजार करोड़ रुपये हड़पने के आरोपी शराब कारोबारी विजय माल्या अब गिड़गिड़ाने लगा है. शुक्रवार को उसने लगातार कई ट्वीट कर कहा कि उसके साथ अन्याय हो रहा है. दरअसल, हाल ही में डीआरटी रिकवरी अधिकारी ने भारत में मान्या से जुड़ी 13 हजार करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त कर ली है. माल्या के खिलाफ ये कार्रवाई लोन की रकम नहीं चुकाने के कारण बैंकों के कंसोर्टियम की ओर से डीआरटी अधिकारी ने की है.
माल्या ने शुक्रवार को किए गए अपने पहले ट्वीट में कहा- डीआरटी रिकवरी ऑफिसर ने भारत में हाल में उसके समूह की 13 हजार करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त कर ली है. अब भी माना जा रहा है कि मैं सरकारी बैंकों का 9 हजार करोड़ रुपये लेकर फरार हो गया हूं, जिस कारण इन बैंकों को नुकसान हो रहा है. ऐसे में न्याय कहां है?….

इसके बाद उसने अपने दूसरे ट्वीट में लिखा- हर सुबह मैं उठता हूं तो डीआरटी की ओर से एक नए जब्ती की खबर मिलती है. अब को कुल जब्ती 13 हजार करोड़ को पार कर गई है. बैंकों ने सभी ब्याज सहित नौ हजार करोड़ रुपये के बकाये की बात कही है. हालांकि इसकी अब भी समीक्षा की जानी है. यह कब तक चलेगा…. न्याय कहां है????

उसने आगे कहा है कि इन सभी जब्तियों के बाद भी बैंकों ने इंग्लैंड में अपने एजेंटों को एक ओपन लाइसेंस दे रखा, ताकि वे मेरे खिलाफ चल रहे तमाम मुकदमों में अड़ंगा लगाएं. अब सवाल उठता है कि इस तरह से बेतरतीब तरीके के लीगल फीस के रूप में खर्च किए जा रहे सार्वजनिक धन के लिए कौन जिम्मेवार है.

चौथे ट्वीट में माल्या ने लिखा कि इंग्लैंड में बैंकों के वकीलों ने मेरे वैध टैक्स भुगतान करने की कोशिश का अंततः लिखित में विरोध किया. भारतीय स्टेट बैंक चाहता है कि इंग्लैंड में मेरे पैसे का इस्तेमाल भारतीय लोन की रिकवरी में किया जाए, जिसे पहले ही सुरक्षित कर लिया गया है. गौरतलब है कि 5 जनवरी को मुंबई की एक अदालत ने विजय माल्या को भगौड़ा आर्थिक अपराधी करार दिया था. भगौड़ा घोषित होने वाला वह पहला भारतीय कारोबारी है.