NEET पेपर सेट होने से एग्जाम सेंटर पहुंचाने तक... CBI किन-किन जगहों पर कर रही नीट पेपर लीक की जांच, जानें अब तक क्या पता चला

NEET paper leak: CBI ने केमिस्ट्री लेक्चरर पीवी कुलकर्णी को गिरफ्तार किया है. पीवी कुलकर्णी पेपर कंडक्ट कराने की प्रक्रिया में NTA की ओर से शामिल थे. वहीं, नीट पेपर लीक मामले में अब तक 7 लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं. आइये जानते हैं कि CBI किन-किन जगहों पर पेपर लीक की जांच कर रही है...

Written by: Satyam Kumar
Published: May 16, 2026, 8:59 AM IST

NEET paper leak latest updates: नेशनल एंट्रेस एलिजिबिलिटी टेस्ट अंडरग्रेजुएट (NEET-UG) 2026 पेपर लीक मामले में सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इंवेस्टिगेशन (CBI) जांच जारी है. जांच एजेंसी अब तक मुख्य आरोपी समेत सात लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है. जांच एजेंसी ने पेपर लीक के सोर्स का पता लगाते हुए पुणे और लातूर तक पहुंच गई है. सीबीआई की इस जांच का मेन फोकस इस बात का पता लगाना है कि पेपर कहां से लीक हुआ. नीट यूजी क्वेश्चन पेपर बनाते हुए, बिना इंटरनेट के कंप्यूटर में पेपर को सेफ रखने वक्त, प्रिंटिंग प्रेस के पास या एग्जाम सेंटर तक पहुंचाए जाने के क्रम में. आइये जानते हैं कि नीट यूजी एग्जाम कैंसिल होने के 4 दिन बाद तक सीबीआई ने क्या कुछ पता लगाया है.

केमिस्ट्री लेक्चरर पी.वी. कुलकर्णी गिरफ्तार

सीबीआई ने पुणे से पी.वी. कुलकर्णी को गिरफ्तार कर लिया है. पी.वी. कुलकर्णी को नीट-यूजी 2026 परीक्षा पेपर लीक का मेन सोर्स बताया जा रहा है. छानबीन के दौरान सीबीआई को पता चला कि कुलकर्णी नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की ओर से परीक्षा प्रक्रिया में शामिल था, जिसके कारण उसकी पहुंच प्रश्नपत्रों तक थी. रिपोर्ट के अनुसार, उसने अप्रैल 2026 के आखिरी हफ्ते में अपने पुणे स्थित आवास पर स्पेशल कोचिंग बुलाकर एस्पिरेंट्स को लीक किया गया मटेरियल पढ़ाया था. कुलकर्णी लातूर के दयानंद जूनियर कॉलेज में केमिस्ट्री के लेक्चरर रह चुके हैं और साल 2022-23 में रिटायर हुए थे. वह एमएसबीएसएचएसई (MSBSHSE) के लातूर डिवीजनल बोर्ड के लिए केमिस्ट्री पेपर के मुख्य मॉडरेटर के रूप में भी काम कर चुके हैं.

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जांच के दायरे में कोचिंग संस्थान

सीबीआई की जांच की आंच अब बड़े कोचिंग सेंटरों तक भी पहुंच गई है. लातूर स्थित फेमस आरसीसी कोचिंग क्लासेस (RCC Coaching Classes) के संचालक शिवराज मोटेगांवकर से गुरुवार को सीबीआई ने करीब 11 घंटे तक पूछताछ की. एजेंसी इस बात की पड़ताल कर रही है कि क्या पेपर लीक का नेटवर्क दूसरे कोचिंग सेंटरों तक भी फैला हुआ है.

नीट पेपर लीक में अब तक कितने गिरफ्तार?

शिक्षा मंत्रालय की शिकायत पर 12 मई को मामला दर्ज करने के बाद सीबीआई ने देश के कई राज्यों में तालमेल बिठाकर छापेमारी की है. अब तक इस मामले में कुल 7 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. ये गिरफ्तारियां जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, पुणे और अहिल्यानगर से हुई हैं. गिरफ्तार किए गए लोगों में से पांच को अदालत में पेश कर पुलिस हिरासत में ले लिया गया है, जबकि अन्य दो के लिए ट्रांजिट रिमांड प्राप्त की जा रही है.

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CBI किन-किन जगहों पर ढूंढ रही लीक?

NEET-UG पेपर लीक की गुत्थी सुलझाने के लिए CBI की पूरी जांच डॉ. के. राधाकृष्णन कमेटी के उन सुझावों पर टिकी है, जो किसी भी परीक्षा में धांधली को रोकने के लिए प्रयासरत है. वहीं, CBI पेपर सेट करने से लेकर एग्जाम सेंटर तक पहुंचाने के तरीकों पर गौर कर रही है.

  • पेपर बनाने के समय- पेपर बनाने वाले एक्सपर्ट्स को बिल्कुल दुनिया से अलग एक बंकर जैसे माहौल में रखा जाता है. CBI यह देख रही है कि क्या इस आइसोलेशन के दौरान किसी भी तरह का बाहरी संपर्क हुआ या गोपनीयता टूटी.
  • स्टोरेज के वक्त- पेपर तैयार होने के बाद NTA के एक ऐसे कंप्यूटर पर सेव रहता है जिसमें इंटरनेट नहीं होता. CBI डिजिटल लॉग बुक की जांच कर रही है, जिसके मुताबिक किसने, कब और कितनी बार उस फाइल को एक्सेस किया.
  • प्रिंटिंग कंट्रोल- पेपर प्रिंटिंग के वक्त NTA सुपरवाइजर को फोन ले जाने तक की इजाजत नहीं होती. CBI यह चेक रही है कि CCTV और कम से कम स्टाफ होने के बावजूद क्या प्रिंटिंग के दौरान कोई गड़बड़ी हुई.
  • स्टोरेज वॉल्ट- पेपर छपने के बाद बैंक के सुरक्षित वॉल्ट्स में जाते हैं और फिर वहां से जिला मजिस्ट्रेट और पुलिस की देखरेख में सेंटर्स तक ले जाए जाते हैं. जांच का दायरा अब उन सभी अधिकारियों और सेंटर्स तक है जहां ये पेपर रखे गए थे.
  • ट्रांसपोर्ट रूट- पेपर ले जाने वाली गाड़ियां GPS से ट्रैक होती हैं और पुलिस सुरक्षा में चलती हैं. चूंकि 2024 के लीक ने ट्रांसपोर्ट की खामियों को उजागर किया था, इसलिए अब सवाल यह है कि क्या लीक ट्रांसपोर्ट के दौरान हुआ या उससे पहले ही खेल हो गया था.

21 जून को दोबारा से होगी परीक्षा

पेपर लीक की पुष्टि और जांच के बीच, प्रभावित क्षेत्रों या संबंधित केंद्रों के लिए 21 जून को दोबारा परीक्षा (Re-exam) आयोजित करने का निर्णय लिया गया है. सरकार और एनटीए का प्रयास है कि जांच के साथ-साथ ईमानदार छात्रों का भविष्य प्रभावित न हो और परीक्षा की शुचिता बनी रहे.

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