नयी दिल्ली: केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि यातायात नियमों का उल्लंघन करने पर लगाये गये भारी-भरकम जुर्माने का लक्ष्य सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना है. गडकरी ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति नियमों का पालन करता है तो उसे जुर्माने का भय नहीं होना चाहिये. साथ ही उन्होंने कहा कि कानून नियमों का उल्लंघन करने वालों पर समान रूप से कार्रवाई करता है. उसे इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता है उल्लंघन करने वाला कोई केंद्रीय मंत्री है या मुख्यमंत्री, कोई बड़ा अधिकारी है या पत्रकार. नियमों का जो कोई भी उल्लंघन करेगा, उसे जुर्माना देना ही होगा.

उन्होंने एक साक्षात्कार में कहा कि यदि कोई व्यक्ति यातायात नियमों का पालन कर रहा है तो उसे जुर्माने का डर क्यों? लोगों को खुश होना चाहिये कि भारत में विदेश की तरह सड़कें सुरक्षित हो जाएंगी, जहां लोग अनुशासन के साथ यातायात नियमों का पालन करते हैं. क्या इंसानों के जान की कीमत नहीं है? गडकरी ने कहा कि कठोर नियम आवश्यक थे क्योंकि लोग यातायात नियमों को हल्के में लेते थे और लोगों में इन नियमों का कोई भय या सम्मान नहीं था.

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सड़क दुर्घटनाओं के 65 प्रतिशत शिकार 18 से 35 वर्ष के
उन्होंने कहा कि मैं इस मुद्दे को लेकर संवेदनशील हूं. उन लोगों से पूछिये जिन्होंने सड़क दुर्घटनाओं में किसी करीबी को खोया है. सड़क दुर्घटनाओं के 65 प्रतिशत शिकार 18 से 35 वर्ष के होते हैं, उनके परिजनों से पूछिये कि उन्हें कैसा लगता है. मैं खुद सड़क दुर्घटना का पीड़ित हूं. यह सोच-समझकर उठाया गया कदम है और चाहे कांग्रेस हो या तृणमूल और टीआरएस, सभी दलों की सहमति ली गयी है.

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नियमों का जो कोई भी उल्लंघन करेगा, उसे जुर्माना देना ही होगा
उन्होंने कहा कि कानून नियमों का उल्लंघन करने वालों पर समान रूप से कार्रवाई करता है. उसे इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता है उल्लंघन करने वाला कोई केंद्रीय मंत्री है या मुख्यमंत्री, कोई बड़ा अधिकारी है या पत्रकार. नियमों का जो कोई भी उल्लंघन करेगा, उसे जुर्माना देना ही होगा. (इनपुट एजेंसी)