अहमदाबाद: गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने शुक्रवार को कहा कि वाइट हाउस को यह फैसला करना है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 24 फरवरी को शहर के एक दिवसीय दौरे के दौरान साबरमती आश्रम जाएंगे या नहीं. रूपाणी का यह बयान बीते दो दिनों से लगाई जा रही उन अटकलों के बाद आया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति साबरमती आश्रम का दौरा नहीं करेंगे. साबरमती आश्रम से महात्मा गांधी का गहरा जुड़ाव रहा था. Also Read - डोनाल्ट ट्रंप के आभार के बाद पीएम मोदी ने कहा- मानवता की मदद के लिए हरसंभव काम करेगा भारत

पूर्व में यह घोषणा की गई थी कि 24 फरवरी को यहां पहुंचने पर ट्रंप साबरमती आश्रम जाएंगे और वहां करीब 30 मिनट तक रहेंगे. रूपाणी ने संवाददाताओं से कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दौरे को लेकर सभी तैयारियां अंतिम चरण में हैं. वह वाशिंगटन से सीधे अहमदाबाद आएंगे. उन्होंने कहा, “इसके बाद एक भव्य रोड शो आयोजित किया जाएगा. इसके बाद वह ‘नमस्ते ट्रंप’ कार्यक्रम के लिये मोटेरा स्टेडियम जाएंगे जहां दुनिया के दो शीर्ष नेता (ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी) मौजूद रहेंगे.ट्रंप के साबरमती आश्रम के दौरे के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि वाइट हाउस इस बारे में फैसला करेगा और हमें जल्द ही इस बारे में सूचित किया जाएगा. Also Read - Trump showers praise on Modi for hydroxychloroquine: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पीएम मोदी की जमकर प्रशंसा की, कहा- ऐसे होते हैं सच्चे दोस्त

गुजरात को अमेरिकी राष्ट्रपति की मेजबानी करके गर्व होगा
उन्होंने कहा कि गुजरात को अमेरिकी राष्ट्रपति की मेजबानी करके गर्व होगा और लोग इस बात को लेकर गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं कि वह वाशिंगटन से सीधे अहमदाबाद आ रहे हैं. यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ट्रंप से दोस्ती के कारण संभव हुआ. रूपाणी ने कहा कि यह दौरा भारत के लिये अच्छा साबित होगा. इस बीच साबमती आश्रम के एक न्यासी अमृत मोदी ने कहा कि उन्हें ट्रंप और मोदी के आश्रम आने के कार्यक्रम रद्द होने के बारे में अब तक कोई जानकारी नहीं है. Also Read - क्या करता है WHO, इतने नाराज क्यों हुए राष्ट्रपति ट्रंप कि रोक दी फंडिंग

एक हफ्ते से चल रही हैं तैयारियां
उन्होंने कहा कि बीते एक हफ्ते से तैयारियां चल रही हैं. अभी क्योंकि कोई आधिकारिक घोषणा (कार्यक्रम रद्द होने को लेकर) नहीं है, हम मानते हैं कि ट्रंप आ रहे हैं. सूत्रों ने कहा कि अगर ट्रंप साबरमती आश्रम नहीं आते हैं तो उनके रोडशो का मार्ग भी बदलेगा. उन्होंने कहा कि यह मौजूदा योजना के 22 किलोमीटर लंबे प्रस्तावित रोडशो का लघु रूप होगा. साबरमती आश्रम वह जगह है जहां से महात्मा गांधी ने भारत के अहिंसक स्वतंत्रता संग्राम का नेतृत्व किया था.