हैदराबाद: क्या महिलाओं के खिलाफ जघन्य अपराध के मामले में साइबराबाद पुलिस आयुक्त वी.सी. सज्जनार ने एक बार फिर ‘तत्काल न्याय’ किया है? पशु चिकित्सक युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म व हत्या के आरोपियों को पुलिस ने शुक्रवार सुबह हैदराबाद से 50 किलोमीटर दूर शादनगर में मुठभेड़ में ढेर कर दिया, जिसके बाद लोग सोशल मीडिया पर इसकी चर्चा करने लगे. 27 नवंबर की रात की देशभर को झकझोर देने वाली दरिंदगी की घटना के बाद लोगों के एक वर्ग ने सज्जनार से न्याय दिलाने की मांग की थी, क्योंकि उन्होंने अविभाजित आंध्रप्रदेश के वारंगल जिले में पुलिस अधीक्षक रहते हुए पहले भी ऐसा किया था.

12 दिसंबर 2008 को पुलिस ने वारंगल में दो छात्राओं पर एसिड से हमला करने वाले तीन आरोपियों को मुठभेड़ में मार गिराया था. अधिकारियों ने तब दावा किया था कि आरोपी एस. श्रीनिवास राव, पोथाराजू हरिकृष्णा और बी. संजय को तब मार गिराया गया था, जब उन्होंने भागने के प्रयास में पुलिसवालों पर हमला कर दिया था. घटना वारंगल के बाहरी इलाके ममनूर हिलॉक में हुई थी, जहां उन्होंने कथित रूप से दो इंजीनियर छात्राओं पर हमला करने वाली सामग्री (एसिड) छुपा रखी थी.

पुलिस ने हालांकि दावा किया था कि उसने आत्मरक्षा में गोली चलाई, लेकिन ऐसा माना गया था कि अपराध के बाद लोगों के गुस्से को देखते हुए यह कदम उठाया गया था. तब राज्य में कांग्रेस की अगुवाई वाली वाई.एस. राजशेखर रेड्डी की सरकार थी और उसे महिलाओं की सुरक्षा को लेकर काफी आलोचना झेलनी पड़ी थी. मानवधिकार कार्यकर्ताओं ने हालांकि सरकार और पुलिस को कानून से बाहर जाकर इस घटना को अंजाम देने के लिए फटकार लगाई थी.

पुलिस महानिरीक्षक रैंक के अधिकारी सज्जनार ने साइबराबाद के आयुक्त के रूप में मार्च, 2018 को पद संभाला था. पहले भी अविभाजित आंध्रप्रदेश और बाद में तेलंगाना में महत्वपूर्ण पद संभालने वाले सज्जनार को नक्सलियों को मुठभेड़ में मार गिराने का ‘साधक’ माना जाता है.

(इनपुट भाषा)