नई दिल्ली: पूरा देश इस समय कोरोना वायरस की गिरफ्त में है. इस महामारी से अब तक हज़ारों लोग संक्रमित हो चुके हैं. सरकार इस बीमारी से लड़ने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है मगर कुछ लोग इस प्रयास को विफल बनाने की कोशिश कर रहे हैं. देश में लॉकडाउन होने के बावजूद तब्लीगी जमात के प्रमुख मौलाना मुहम्मद साद के अगुआई में राजधानी में एक कार्यक्रम होता है और इस लॉकडाउन की सांसें उखड़ जाती हैं. इस एक हरकत ने देश में कोरोना का ख़तरा और बढ़ा दिया है. ऐसे में बहुत से लोग मौलाना साद कांधलवी के बारे में जानना चाह रहे हैं. Also Read - Complete Lockdown in Bihar: कल से बिहार में पूर्ण लॉकडाउन, जानिए खुलने वाली चीजों की पूरी लिस्ट

कौन हैं मौलाना मुहम्मद साद कांधलवी (Maulana Saad Kandhalvi) ?

तब्लीगी जमात के अमीर (प्रमुख) मौलाना मुहम्मद साद का जन्म 10 मई 1965 को हुआ था. वह तब्लीगी जमात के संस्थापक मौलाना मुहम्मद इलियास के पड़पोते हैं. उनके पिता का नाम मोहम्मद हारून है. मौलाना साद ने हजरत निजामुद्दीन मरकज के मदरसा काशिफुल उलूम से 1987 में आलिम की डिग्री ली है. मौलाना साद 16 नवंबर 2015 को तब्लीगी जमात के अमीर बन गए थे. मौलाना साद की शादी 1990 में सहारनपुर के मजाहिर उलूम के मोहतमिम (वीसी) मौलाना सलमान की बेटी से हुई. 56 वर्षीय मौलाना साद के 214 देशों में लगभग 100 करोड़ अनुयायी हैं. इन्हें मांनने वाले ज़्यादातर दक्षिण एशिया में रहते हैं. यह भी ताज्जुब की बात है कि मौलाना साद ने इस तब्लीगी जमात का ख़ुद को प्रमुख घोषित कर दिया था. Also Read - England vs West Indies 2nd Test Live Streaming: जानें, कब और कहां देख सकेंगे इंग्लैंड और विंडीज के बीच दूसरे टेस्ट का LIVE मैच

क्या है तब्लीगी जमात?

पिछले कुछ दिनों से इस नाम से आप हर रोज़ रूबरू हो रहे हैं. तब्लीगी जमात वो ग्रुप या समूह होता है जो अल्लाह के बताए रास्तों को दूसरों तक पहुंचाता है. इस का सीधा मतलब यह है कि इस्लाम का प्रचार प्रसार करने वाला समूह. यह जमात दुनिया के अलग अलग देशों की मस्जिदों में जाकर इस्लाम की बातें करता है और सुन्नत रास्तों पर चलने के लिए प्रेरित करता है. Also Read - कोरोना के भय से इस मशहूर एक्टर ने कहा मुंबई को अलविदा, माता-पिता के साथ यहां हुए शिफ्ट   

मौलाना साद के ख़िलाफ़ क्या था मामला?

दिल्ली पुलिस ने निजामुद्दीन पश्चिम में इस महीने की शुरुआत में बड़ी धार्मिक सभा की अगुवाई करने वाले मौलाना के खिलाफ कोविड-19 संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए कोई जनसभा आयोजित नहीं करने और सामाजिक दूरी बनाए रखने संबंधी सरकारी आदेशों के उल्लंघन को लेकर मामला दर्ज किया है. तबलीगी जमात के मौलाना साद और अन्‍य के खिलाफ महामारी अधिनियम 1897 और आईपीसी की अन्य धाराओं के तहत सरकारी आदेशों के उल्‍लंघन का मामला दर्ज किया गया है, जिसमें निजामुद्दीन की मरकज बस्‍ती प्रबंधन को भीड़ जमा होने से रोकने के लिए दिए गए थे.