कौन थे हरियाणा के IPS वाई पूरन कुमार? जिन्होंने खुद को मारी गोली, उत्पीड़न के खिलाफ उठाई थी आवाज...पत्नी भी IAS ऑफिसर

Y Puran Kumar Suicide: चंडीगढ़ पुलिस इस पूरे मामले की जांच में जुटी है. पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और उनकी पत्नी के बयान से ही यह स्पष्ट होगा कि आखिर किन परिस्थितियों ने एक निर्भीक आईपीएस अधिकारी वाई पूरन कुमार को खुद की जान लेने पर मजबूर कर दिया.

Published date india.com Published: October 7, 2025 4:43 PM IST
कौन थे हरियाणा के IPS वाई पूरन कुमार? जिन्होंने खुद को मारी गोली, उत्पीड़न के खिलाफ उठाई थी आवाज...पत्नी भी IAS ऑफिसर

हरियाणा पुलिस महकमे से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है. हरियाणा कैडर के 2001 बैच के आईपीएस अधिकारी वाई. पूरन कुमार ने 7 अक्टूबर 2025 की सुबह चंडीगढ़ में अपने सरकारी आवास पर खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली. उनके इस कदम से पूरा प्रशासनिक ढांचा हिल गया है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक वाई पूरन कुमार अपने सख्त, ईमानदार और निडर स्वभाव के लिए जाने जाते थे. वे ऐसे अफसर थे जिन्होंने कभी सत्ता के सामने झुकना नहीं सीखा और हर बार सिस्टम में चल रही गड़बड़ियों के खिलाफ खुलकर आवाज उठाई. उनकी पत्नी अमनीत कौर भी हरियाणा कैडर की आईएएस अधिकारी हैं.

सर्विस रिवॉल्वर से मारी खुद को गोली

घटना चंडीगढ़ के सेक्टर-11 स्थित उनके सरकारी आवास की है. सुबह लगभग 9 बजे गोली चलने की आवाज सुनकर प्रशासनिक हलकों में तुरंत हलचल मच गई. जब पुलिस टीम मौके पर पहुंची, तो पाया कि आईपीएस वाई पूरन कुमार ने अपनी सर्विस रिवॉल्वर से खुद को गोली मारी थी. मौके पर ही उनकी मौत हो गई. फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से सबूत जुटाए और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया. चंडीगढ़ पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है और उनकी पत्नी के लौटने के बाद बयान दर्ज करने की तैयारी की जा रही है.

विवादों से गहरा नाता

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वाई पूरन कुमार हरियाणा पुलिस के उन अफसरों में से एक थे जो निडर होकर भ्रष्टाचार, जातीय भेदभाव और राजनीतिक हस्तक्षेप के खिलाफ बोलने से कभी पीछे नहीं हटे. अपने करियर में उन्होंने आईजीपी (रोहतक रेंज), आईजीपी (कानून-व्यवस्था), आईजी (दूरसंचार) और हाल में आईजी, पुलिस ट्रेनिंग सेंटर (PTC) सुनारिया, रोहतक जैसी अहम जिम्मेदारियां संभालीं. उन्हें 2025 के मध्य में रोहतक से सुनारिया ट्रांसफर किया गया था, जिसे उन्होंने अन्यायपूर्ण और प्रशासनिक दबाव बताया था.

इन वजहों से चर्चा में रहे वाई पूरन कुमार

वाई पूरन कुमार का नाम कई बार सरकारी विवादों और कोर्ट मामलों में सामने आया.

  • साल 2020 में उन्होंने तत्कालीन डीजीपी मनोज यादव पर व्यक्तिगत रंजिश और जातीय भेदभाव के आरोप लगाए थे.
  • उन्होंने गृह विभाग के एसीएस राजीव अरोड़ा पर पक्षपाती जांच रिपोर्ट तैयार करने का आरोप लगाया था और इस मामले को हाईकोर्ट तक ले गए.
  • 2024 में उन्होंने डीजीपी शत्रुजीत कपूर के खिलाफ चुनाव आयोग को चिट्ठी लिखकर शिकायत की थी कि पुलिस सेवा अधिकारियों के ट्रांसफर नियमों के खिलाफ हो रहे हैं.
  • इन सब मामलों में वे लगातार कहते रहे कि उन्हें जानबूझकर टारगेट किया जा रहा है, ताकि उनकी ईमानदारी और निडर छवि को तोड़ा जा सके.

मानसिक दबाव में थे IPS ऑफिसर वाई पूरन कुमार

वाई पूरन कुमार ने कई बार यह दावा किया था कि वरिष्ठ अधिकारी उन्हें परेशान कर रहे हैं और उनके कैरियर को नुकसान पहुंचाने के लिए साजिश रच रहे हैं. उन्होंने प्रशासनिक स्तर पर अपनी सुरक्षा के लिए आवेदन भी दिया था. कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने यह भी कहा था कि उन पर मानसिक और संस्थागत दबाव लगातार बढ़ रहा है. आईपीएस वाई पूरन कुमार उन गिने-चुने अधिकारियों में से थे जो न्याय, पारदर्शिता और ईमानदारी के प्रतीक माने जाते थे. लेकिन उसी सिस्टम के भीतर रहते-रहते वे इतने अकेले पड़ गए कि आखिरकार खुद पर गोली चलाने जैसा कठोर निर्णय ले लिया.

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