Farmers Protest: नए कृषि कानूनों (Farm Law 2020) के खिलाफ किसानों के आंदोलन के बीच सिंधु बॉर्डर (Singhu Border) पर संत बाबा राम सिंह (Baba Ram Singh) ने गोली मारकर खुदकुशी कर ली. उन्हें आनन-फानन में अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. पुलिस ने बताया कि मृतक ने कथित रूप से पंजाबी में हाथ से लिखा एक नोट भी छोड़ा है, जिसमें कहा गया है कि वह ‘किसानों का दर्द’ सहन नहीं कर पा रहा है. पुलिस नोट की जांच कर रही है. Also Read - 26 जनवरी को परेड निकालेंगे प्रदर्शनकारी किसान, बोले- आंदोलन का समर्थन करने वालों के खिलाफ मामले दर्ज कर रही NIA

सोनीपत पुलिस के एक अधिकारी ने कहा कि उन्हें फोन आया था कि करनाल जिले के निसिंग इलाके के सिंघरा गांव के निवासी संत राम सिंह ने कथित रूप से खुद को गोली मार ली. सिंह को पानीपत के एक अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. Also Read - Farmers Protest: पंजाब के मंत्री का बड़ा आरोप, 'एनआईए ने किसान आंदोलन के समर्थकों को नोटिस भेजा'

पुलिस ने कहा कि बाबार राम सिंह ने प्रदर्शन स्थल पर अपनी कार के निकट खुद को गोली मार ली. पुलिस ने परिवार के सदस्यों के बयान दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. पुलिस ने कहा कि शव को एंबुलेंस में पोस्टमॉर्टम के लिये करनाल ले जाया गया. उनके अनुयायियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की. बाद में शव को सिंघरा गांव में नानकसर गुरुद्वारा ले जाया जाएगा, जहां बड़ी संख्या में उनके अनुयायी जुटे हैं. करनाल के एसपी गंगा राम पुनिया ने बताया कि इलाके में पुलिस तैनात कर दी गई है. उन्होंने कहा, ‘हालात शांतिपूर्ण और नियंत्रण में हैं.’

कौन थे संत बाबा राम सिंह?
संत बाबा राम सिंह का डेरा करनाल जिले में निसंग के पास सिंगड़ा गांव में है. वह सिंगड़ा वाले बाबा जी के नाम से दुनियाभर में विख्यात थे. हरियाणा पंजाब और दुनिया भर में संत बाबा राम सिंह को सिंगड़ा वाले संत के नाम से ही जाना जाता था. वे सिंगड़ा वाले डेरे के अलावा विश्वभर प्रवचन करने के लिए जाते थे. रिपोर्ट के अनुसार, संत बाबा राम सिंह सिखों की नानकसर संप्रदाय से जुड़े थे.

इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि मोदी सरकार को ‘जिद’ छोड़कर कानूनों के वापस ले लेना चाहिये. पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट किया, ‘करनाल के संत बाबा राम सिंह जी ने किसानों की दुर्दशा देखकर आत्महत्या कर ली. इस दुख की घड़ी में मेरी संवेदनाएं और श्रद्धांजलि.’ उन्होंने कहा, ‘कई किसान अपने जीवन की आहुति दे चुके हैं. मोदी सरकार की क्रूरता हर हद पार कर चुकी है. ज़िद छोड़ो और तुरंत कृषि विरोधी क़ानून वापस लो!’

शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि वह संत की आत्महत्या की खबर सुनकर आक्रोशित हैं. उन्होंने कहा, ‘संत जी का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा. मैं भारत सरकार से अनुरोध करता हूं कि हालात और बिगड़ने न दे और तीन कृषि कानूनों के निरस्त कर दे.’

(इनपुट: भाषा, ANI)