Election Results 2023: मध्यप्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ समेत पांच राज्यों में हाल में संपन्न हुए विधानसभा चुनाव के नतीजे आ चुके हैं. मध्यप्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में भारतीय जनता पार्टी (BJP) को जीत मिली. वहीं, तेलंगाना में कांग्रेस की सरकार बनी. तेलंगाना में कांग्रेस नेता रेवंत रेड्डी ने गुरुवार को मुख्यमंत्री पद की शपथ भी ले ली. वहीं, BJP ने मध्यप्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में अब तक मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित नहीं किया है. मुख्यमंत्री पद पर सस्पेंस जारी है और दिल्ली में लगातार बैठकें चल रही हैं. खबर है कि शुक्रवार यानी आज (8 दिंसबर) भारतीय जनता पार्टी इन तीनों राज्यों में विधायक दल के नेताओं के चुनाव के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षकों के नामों का ऐलान कर सकती है.
न्यूज एजेंसी PTI ने पार्टी के एक वरिष्ठ नेता के हवाले से बताया कि तीनों राज्यों के लिए पर्यवेक्षकों के नामों की घोषणा शुक्रवार को होने की उम्मीद है. इसके बाद वे नवनिर्वाचित विधायकों की बैठकों के लिए संबंधित राज्यों की यात्रा करेंगे, जहां भविष्य के मुख्यमंत्रियों के नाम घोषित किए जाएंगे. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की पसंद पर अभी कोई फैसला नहीं किया गया है और पार्टी तीनों मुख्यमंत्रियों को चुनने में सामाजिक, क्षेत्रीय, शासन और संगठनात्मक हितों को ध्यान में रखेगी.
तीन राज्यों के नेता गृह मंत्री अमित शाह और पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा सहित पार्टी के शीर्ष नेताओं से मुलाकात कर रहे हैं, लेकिन सूत्रों ने इसे ज्यादा तवज्जो नहीं देते हुए कहा कि इस तरह की बैठकें नियमित होती हैं. उन्होंने कहा, ‘राज्य के कई नेता हमारे राष्ट्रीय नेतृत्व से मिल रहे हैं. केवल तीन मुख्यमंत्री हो सकते हैं. किसी को भी इसे ज्यादा तूल नहीं देना चाहिए.’ उन्होंने कहा कि संभावितों में वे सांसद भी शामिल हैं, जिन्होंने संसद से इस्तीफा दे दिया है और शिष्टाचार के तौर पर राष्ट्रीय नेताओं से मिल रहे हैं.
केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और राजस्थान के बाबा बालकनाथ ने गुरुवार को अमित शाह से मुलाकात की. दोनों ने अपने-अपने राज्यों की विधानसभा का सदस्य चुने जाने के बाद लोकसभा की सदस्यता छोड़ दी. वहीं, वसुंधरा राजे ने भी अपने बेटे और लोकसभा सांसद दुष्यंत के साथ BJP प्रमुख जेपी नड्डा से मुलाकात की. पिछले दिनों उन्होंने कई नवनिर्वाचित विधायकों के साथ बैठक की हैं.
नरेंद्र सिंह तोमर, प्रह्लाद सिंह पटेल और शिवराज सिंह चौहान को मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री पद के संभावित विकल्प के रूप में देखा जा रहा है. चौहान की तरह पटेल भी राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण अन्य पिछड़ा वर्ग से आते हैं. पटेल और तोमर BJP के उन 12 सांसदों में शामिल हैं जो विधानसभा सदस्य चुने गए हैं और उन्होंने संसद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है.
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री पद की दौड़ में BJP अध्यक्ष अरुण साव, संसद की सदस्यता से बुधवार को इस्तीफा देने वाली गोमती साय और प्रदेश सरकार की पूर्व मंत्री लता उसेंडी भी शामिल हैं. साव ओबीसी समुदाय से हैं, वहीं साय और उसेंडी अनुसूचित जनजाति वर्ग से हैं. सामाजिक पृष्ठभूमि, छवि और अपेक्षाकृत युवा प्रोफ़ाइल के कारण राज्य के शीर्ष पद के लिए इन नेताओं को मजबूत दावेदारों के रूप में देखा जा रहा है.
मालूम हो कि भारतीय जनता पार्टी ने राजस्थान की 199 में से 115 सीटों पर जीत दर्ज की. वहीं, कांग्रेस को 70 , BSP को 2 और अन्य को महज 12 सीटें मिलीं. मध्यप्रदेश की बात की जाए तो राज्य की 230 सदस्यीय विधानसभा में भारतीय जनता पार्टी ने 163, कांग्रेस को 66 और अन्य को 1 सीट मिली. छत्तसीगढ़ की 90 सदस्यीय विधानसभा में भारतीय जनता पार्टी ने 54, कांग्रेस ने 35 और अन्य ने 1 सीट पर कब्जा जमाया. बता दें कि राजस्थान में बहुमत का आंकड़ा 100 है क्योंकि वहां एक सीट पर मतदान नहीं हुआ था. वहीं, मध्यप्रदेश में 116 और छत्तीसगढ़ में बहुमत का आंकड़ा 46 है.
(इनपुट: PTI)
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