नई दिल्ली: कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप दिया. अब कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री का चुनाव करने के लिए मंथन चल रहा है. कुछ नाम भी शॉर्ट लिस्ट किये गए हैं, जिनका खुलासा अभी नहीं हुआ है. फिलहाल भाजपा को केंद्रीय पर्यवेक्षकों की नियुक्ति करेगी. कर्नाटक के मुख्यमंत्री के उत्तराधिकारी की तलाश में बीजेपी का शीर्ष नेतृत्व मंथन कर रहा है.Also Read - जिस पुलिसवाले से रेप पीड़िता को थी न्याय की उम्मीद, उसने भी बार-बार कर डाला रेप, प्रेग्नेंट हुई तो...

पार्टी के सूत्रों के अनुसार, भाजपा ने येदियुरप्पा के उत्तराधिकारी का पता लगाने के लिए कर्नाटक विधायक दल की बैठक के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की है. सूत्रों ने कहा, शाम तक केंद्रीय पर्यवेक्षक की नियुक्ति की जाएगी. जब तक भाजपा विधायक विधायक दल के नए नेता का चुनाव नहीं कर लेते, येदियुरप्पा कर्नाटक के कार्यवाहक मुख्यमंत्री के रूप में काम करेंगे. पार्टी के एक अंदरूनी सूत्र ने कहा कि नड्डा, शाह और सिंह के बीच एक घंटे तक बैठक हुई और कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री का पता लगाने के लिए विस्तृत चर्चा हुई. Also Read - बेंगलुरु: तीन मंजिला इमारत गिरी, किसी के हताहत होने की खबर नहीं, बचाव टीम मौके पर

सूत्रों ने बताया कि राज्य में जाति समीकरण को देखते हुए केंद्रीय नेतृत्व ने कुछ नामों को शॉर्टलिस्ट किया है. सूत्रों ने कहा, कर्नाटक की राजनीति में जाति एक महत्वपूर्ण कारक है और राज्य के सामाजिक समीकरणों को देखते हुए नए मुख्यमंत्री का चयन किया जाएगा. पार्टी इस बात पर भी विचार कर रही है कि नया मुख्यमंत्री मजबूत लिंगायत समुदाय से होगा या किसी अन्य समुदाय से. Also Read - मंदिर में प्रवेश करने की ऐसी सजा! 11,000 रुपये की दावत से किया गया दलित व्यक्ति का ‘शुद्धिकरण’

हालांकि, सूत्रों ने दावा किया कि लिंगायत के मजबूत नेता येदियुरप्पा की जगह गैर लिंगायत को लाना भाजपा के लिए एक बड़ी चुनौती होगी. इससे पहले, उन्हें हटाने के बारे में चल रही अटकलों पर विराम लगाते हुए, येदियुरप्पा ने राज्य की राजधानी में राज्यपाल थावरचंद गहलोत को अपना इस्तीफा सौंप दिया.

राज्य में भाजपा के निवर्तमान मुख्यमंत्री येदियुरप्पा ने स्पष्ट किया कि पार्टी आलाकमान की ओर से उन पर इस्तीफा देने का कोई दबाव नहीं था. राजभवन के अपने दौरे के बाद बोलते हुए, नए मुख्यमंत्री के पद संभालने तक अंतरिम मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे येदियुरप्पा ने कहा कि उन्होंने राज्य में एक नए सीएम के लिए रास्ता बनाने के लिए स्वेच्छा से पद छोड़ने का निर्णय लिया है. उन्होंने यह भी कहा कि वह पार्टी संगठन की सेवा करने वाली राजनीति में बने रहेंगे.

उन्होंने कहा कि वह भविष्य में पार्टी से कोई पद नहीं मांगेंगे. उन्होंने कहा, मेरे बेकार बैठने या राजनीति से बाहर जाने का कोई सवाल ही नहीं है. मैं हर बार पार्टी को सत्ता में वापस लाने का प्रयास करूंगा. हाल ही में राष्ट्रीय राजधानी की अपनी दो दिवसीय यात्रा के दौरान, येदियुरप्पा ने राज्य में संभावित परिवर्तन से बार-बार इनकार किया.

दिल्ली की अपनी यात्रा के दौरान येदियुरप्पा ने प्रधानमंत्री मोदी, नड्डा, शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की. उनकी नई दिल्ली यात्रा राज्य इकाई में उनके खिलाफ बढ़ रही आवाजों की पृष्ठभूमि में हुई. पार्टी के एक पदाधिकारी ने कहा, दिल्ली दौरे के दौरान येदियुरप्पा को उनके खिलाफ पार्टी के भीतर बहुत विरोध के कारण इस्तीफा देने के लिए कहा गया था.