
Md. Raja Alam
नमस्कार, मैं मो राजा आलम हूं और वर्तमान में India.Com हिंदी (Zee Media Group) में सब एडिटर के पद पर कार्यरत हूं. हिंदी पत्रकारिता में अपने अब तक के दो वर्षों ... और पढ़ें
Canada: कनाडा में धीरे-धीरे भारतीय प्रवासियों की स्थिति लगातार चुनौतीपूर्ण होती जा रही है. कनाडा में भारतीय नागरिकों को जबरदस्ती बाहर निकाले जाने की संख्या लगातार पिछले छह सालों में बढ़ रही है. 2019 में यह संख्या केवल 625 थी, जबकि 2024 में 28 जुलाई तक यह आंकड़ा पहले ही 1,891 तक पहुँच गया. भारत इस लिस्ट में दूसरे नंबर पर है, जबकि सबसे ज्यादा मैक्सिको के नागरिकों को डिपोर्ट किया गया है. पिछले साल 1,997 भारतीयों को कनाडाई अधिकारियों ने बाहर निकाला था. आंकड़े बताते हैं कि भारतीयों की संख्या तीसरे सबसे बड़े समूह कोलंबियाई लोगों (981) से कई गुना ज्यादा है. यह लगातार बढ़ती संख्या यह दर्शाती है कि कनाडा में इमिग्रेशन नियम और प्रवासियों पर निगरानी दिन-ब-दिन कड़ी होती जा रही है.
कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने हाल ही में इस सवाल का जवाब देते हुए कहा कि विदेशी अपराधियों को डिपोर्ट करने पर सरकार ध्यान दे रही है. इसके लिए इमिग्रेशन सिस्टम में सुधार किया जा रहा है, जैसे ट्रैकिंग बेहतर करना और संसाधनों का विस्तार करना. यही कारण है कि भारतीय नागरिकों को भी जबरदस्ती बाहर निकाला जा रहा है. यह नीति केवल अपराधियों तक सीमित नहीं है बल्कि शरण चाहने वाले और टेम्पररी रेजिडेंट परमिट धारक भी इस प्रक्रिया के दायरे में आ सकते हैं. इसका मकसद देश में कानून और सुरक्षा बनाए रखना है, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई भी विदेशी नागरिक कानून का उल्लंघन न करे.
हाल ही में 10 अक्टूबर को पील रीजनल पुलिस ने घोषणा की कि पील क्राउन अटॉर्नी ऑफिस और कनाडा बॉर्डर सर्विसेज एजेंसी मिलकर जांच कर रही है कि विदेशी नागरिकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सके या नहीं. इसी प्रक्रिया में 450 मेल की कथित चोरी से जुड़े आठ भारतीय नागरिकों को गिरफ्तार किया गया. इन पर कुल मिलाकर 344 आरोप लगाए गए हैं. गिरफ्तार लोगों में सुमनप्रीत सिंह, गुरदीप चट्ठा, जशनदीप जट्टाना, हरमन सिंह और अन्य शामिल हैं. इस घटना ने एक बार फिर यह दिखाया कि कनाडा में भारतीयों के डिपोर्ट होने की प्रक्रिया कानूनी ढांचे और सुरक्षा नियमों के तहत की जा रही है, और प्रवासियों को हमेशा अपने अधिकारों और कानून की जानकारी रखना जरूरी है.
ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें. India.Com पर विस्तार से पढ़ें India Hindi की और अन्य ताजा-तरीन खबरें
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts Cookies Policy.