
Anjali Karmakar
अंजलि कर्मकार 12 साल से जर्नलिज्म की फील्ड में एक्टिव हैं. उन्होंने बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी से इकोनॉमिक्स में ग्रेजुएशन किया है. यहीं से मास कॉम में मास्टर्स की डिग्री ली ... और पढ़ें
आज के समय में आधार कार्ड आपके आईडी प्रूफ के साथ-साथ सबसे जरूरी डॉक्युमेंट बन गया है. एक सिम कार्ड खरीदने से लेकर बैंक में अकाउंट खुलवाने, स्कूल-कॉलेज में एडमिशन लेने और बिजनेस के लिए आधार कार्ड की जरूरत पड़ती है.
यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया यानी UIDAI 12 डिजिट वाला आधार कार्ड जारी करता है. इसमें आपका सारा बायोमेट्रिक डेटा, नाम, पता, जन्मतिथि वगैरह की जानकारी रहती है.इसी कार्ड से सरकारी सुविधाओं का फायदा भी लिया जा सकता है.
भारत के हर नागरिक का आधार कार्ड होता है. UIDAI यहां तक की नवजात बच्चों का भी आधार कार्ड बनवाती है.नवजात बच्चे का आधार कार्ड बर्थ डिस्चार्ज सर्टिफिकेट और मां-पिता के आधार कार्ड के जरिए बनाए जाते हैं,लेकिन बच्चों के आधार कार्ड को 5 साल और 15 साल की उम्र में अपडेट कराना अनिवार्य है. अगर ऐसा नहीं किया गया, तो कई सारी दिक्कतें हो सकती हैं.
आइए जानते हैं क्यों जरूरी है बच्चों के आधार कार्ड को 5 और 15 साल की उम्र में अपडेट करवाना? ऐसा नहीं होने पर कौन सी दिक्कतें आ सकती हैं? बच्चों के आधार कार्ड को अपडेट करवाने का क्या प्रोसेस है? इसके लिए कितना चार्ज लगता है:-
बच्चों के आधार कार्ड को अपडेट की जरूरत क्यों?
UIDAI के नियमों के मुताबिक, बच्चों के आधार कार्ड में दो बार बायोमेट्रिक अपडेट होना अनिवार्य होता है. पहली बार 5 साल की उम्र में और दूसरी बार 15 साल की उम्र में. इस प्रक्रिया को मैंडेटरी बायोमेट्रिक अपडेट (MBU) कहा जाता है. इसमें बच्चे के फोटो, फिंगरप्रिंट और आईरिस स्कैन को दोबारा रिकॉर्ड किया जाता है. यह अपडेट आधार कार्ड की वैलिडिटी बनाए रखने और भविष्य में किसी भी समस्या से बचने के लिए जरूरी है.
5 साल के बाद ही क्यों?
दरअसल, 5 साल से कम उम्र के बच्चों के आधार कार्ड में बायोमेट्रिक्स नहीं लिए जाते. उनका आधार माता-पिता के दस्तावेज़ों के आधार पर बनाया जाता है. इसलिए इसे बाल आधार (Baal Aadhaar) कहा जाता है. जब बच्चा 5 साल का हो जाता है, तो उसका फिंगरप्रिंट और आईरिस स्कैन अपडेट कराना जरूरी होता है.
15 साल की उम्र में दोबारा अपडेशन की क्यों है जरूरत?
ऐसा बच्चों के शरीर में आए बदलाव के कारण होता है. जैसे-जैसे बच्चा बड़ा होता जाता है, उसके बायोमेट्रिक्स भी बदलने लगते हैं. इसलिए 15 साल की उम्र में फिर से बायोमेट्रिक अपडेट करवाना जरूरी होता है. इस अपडेट में बच्चे के फिंगरप्रिंट, आईरिस स्कैन और नई फोटो जोड़ी जाती है. फिर ये बाल आधार से आधार कार्ड बन जाता है.
दो बार के अपडेशन के लिए कितना खर्चा आता है?
बच्चों के 5 और 15 साल की उम्र में आधार अपडेटशन की पूरी प्रक्रिया एकदम फ्री है. इसे नजदीकी आधार सेंटर पर जाकर करवाया जा सकता है. अगर आप आधार कार्ड में हुए किसी गलती को सुधारने के लिए अपडेट करवाना चाहते हैं, तो इसके लिए मामूली चार्ज देना पड़ सकता है.
अपडेट नहीं करवाया तो कौन सी आएंगी दिक्कतें?
अगर आप अपने बच्चे का आधार कार्ड अपडेट नहीं करवाते हैं,तो बच्चे को स्कूल-कॉलेज में एडमिशन लेने में दिक्कत आ सकती है. उसके प्रतियोगी परीक्षाओं के आवेदन में दिक्कत आ सकती है. सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में दिक्कत आ सकती है. बैंक अकाउंट खोलने में भी मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है.
बच्चे का आधार अपडेट कहां कराएं?
आधार अपडेट कैसे होगा?
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