नई दिल्ली। 94 साल की उम्र में डीएमके के अध्यक्ष और पांच बार तमिलनाडु के सीएम रह चुके करुणानिधि का मंगलवार को चेन्नई के कावेरी अस्पताल में निधन हो गया. महज 14 साल की उम्र से ही राजनीति में प्रवेश करने वाले करुणानिधि को भारतीय राजनीति का कलैनार यानि कलाकार कहा जाता था. खास बात ये है कि हिंदू होने के बावजूद उन्हें चिताग्नि नहीं दी गई बल्कि दफनाया गया. Also Read - AIADMK के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार होंगे पलानीस्वामी, OPS-EPS में बनी बात

Also Read - Amazing: बच्चे ने ऑनलाइन क्लास के लिए छीना मोबाइल तो पुलिस वाले ने खरीदकर नया दे दिया...

जयललिता को भी दफनाया गया था Also Read - VIDEO: कई दलों के सांसदों ने राज्‍यों को GST के भुगतान के लिए गांधी प्रतिमा के सामने किया प्रदर्शन

तमिलनाडु की पूर्व सीएम जयललिता को भी मरीना बीच पर दफनाया गया था और वहां उनकी समाधि बनी हुई है. करुणानिधि को भी यहीं दफनाया जाएगा और समाधिस्थल बनेगा. लेकिन कईयों के मन में ये सवाल उठ सकता है कि हिंदू होने के बावजूद करुणानिधि को दफनाया क्यों जाएगा? जयललिता और दूसरे बड़े तमिल नेताओं को दफनाया क्यों गया?

काला चश्मा बन गई थी करुणानिधि की पहचान, 46 साल बाद ही इसे बदला

द्रविड़ आंदोलन और विचारधारा है वजह

दरअसल, इसकी वजह है इन नेताओं का द्रविड़ आंदोलन से जुड़ा होना. ये सभी नेता द्रविड़ विचारधारा में पनपे हैं जो हिंदू धर्म के ब्राह्मणवादी परंपरा और रस्म का सख्त विरोध करता है. जयललिता भी द्रविड़ पार्टी एआईएडीएमके की प्रमुख थी जिसकी नींव ही ब्राह्मणवाद के विरोध में पड़ी थी. इसीलिए उन्हें दफनाया गया. करुणानिधि भी द्रविड़ पार्टी डीएमके के प्रमुख रहे और द्रविड़ आंदोलन में बढ़ चढ़कर हिस्सा भी लिया.

पत्नी और प्रेमिका के साथ जीने वाले करुणानिधि, 5 बार सीएम तो 13 बार विधायक बने, कभी चुनाव नहीं हारे

एम जी रामचंद्रन को भी दफनाया गया था. इसी जगह पर द्रविड़ आंदोलन के मसीहा और डीएमके संस्थापक अन्नादुरै की भी कब्र है. वह तमिलनाड़ु के पहले द्रविड़ मुख्यमंत्री थे. ये सभी बड़े नेता द्रविड़ विचारधारा और आंदोलन से ही निकले हैं.

94 साल की उम्र में हुआ निधन

बता दें कि लंबी बीमारी के बाद करुणानिधि का मंगलवार को कावेरी अस्पताल में निधन हो गया. वह 11 दिन से यहां भर्ती थे. उनके निधन से समर्थकों में शोक की लहर दौड़ गई. नेताओं ने उनके निधन को देश की अपूरणीय क्षति बताते हुए उन्हें महान नेता करार दिया. आज मरीना बीच पर उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा. अंतिम दर्शन के लिए उनका पार्थिव शरीर राजाजी पार्क में रखा गया था. पीएम नरेंद्र मोदी सहित तमाम दलों के दिग्गज नेताओं ने चेन्नई पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि दी.