नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला. योगी ने कहा कि राहुल की चार पीढ़ियां कभी मंदिर नहीं गईं. कन्नौज में एक कार्यक्रम के दौरान योगी ने आरोप लगाया कि जब चुनाव आते हैं तो राहुल गांधी मंदिर जाने का नाटक शुरू कर देते हैं. जबकि उनकी चार पीढ़ियां कभी मंदिर नहीं गईं. उन्होंने कहा कि राहुल तभी मंदिर जाते हैं जब चुनाव नजदीक होते हैं. Also Read - Happy Birthday Yogi Adityanath: गांव की मिट्टी की चमक आज भी चेहरे पर दमकती है, देखें योगी आदित्यनाथ के CM बनने का सफर

उन्होंने कहा कि सच्चे हिन्दू मंदिर जाते हैं तो उसका प्रदर्शन नहीं करते हैं. लेकि राहुल का मंदिर जाना एक शो ऑफ से ज्यादा कुछ नहीं होता है. वह इससे यह साबित करने की कोशिश करते हैं कि वह हिन्दू हैं लेकिन लोगों को असलियत पता है और वे कभी भी राहुल गांधी के झांसे में नहीं आएंगे. योगी आदित्यनाथ ने आरक्षण और दलितों के हितों की बात करने वालों पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि ये लोग अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी और जामिया मिलिया इस्लामिया में दलितों और ओबीसी के लिए आरक्षण की मांग क्यों नहीं करते. Also Read - यूपी: कोरोना मरीजों के लिए एक लाख बेड तैयार, इतनी बड़ी तैयारी करने वाला देश का पहला राज्य

इससे पहले यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने गोमती नदी का सफाई अभियान शुरू किया है.हाथों में झाड़ू फावड़ा लेकर सीएम योगी ने सफाई की शुरूआत की. उनके साथ विधायकों व कई उद्योगपतियों ने भी नदी के सफाई अभियान में हिस्सा लिया. सीएम योगी के साथ ही सफाई अभियान के दौरान कैबिनेट मंत्री बृजेश पाठक, स्वाती सिंह, रीता बहुगुणा जोशी, आशुतोष टंडन, सुरेश तिवारी, डॉ. नीरज बोरा आदि मौजूद रहे. इस दौरान सीएम के साथ ही बीजेपी के कई विधायक, व्यापारी भी शामिल हुए. Also Read - यूपी में 8 जून से खोले जाएंगे धार्मिक स्थल, होटल, रेस्तरां और शॉपिंग मॉल; जुलाई में खुलेंगे स्कूल

इस मौके पर सीएम ने कहा कि गोमती नदी को प्रदूषित देखकर उन्हें दुख होता है. उन्होंने कहा कि गोमती लखनऊ की लाइफ लाइन है. यहां रह रहे हर व्यक्ति का कर्तव्य है कि वह शहर को साफ रखे. लोगों को नदियों को साफ रखने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए. हाल ही में उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने ही गोमती रिवर फ्रंट को सजाने-संवारने का जिम्मा लखनऊ विकास प्राधिकरण को दे दिया है. इस पर लगभग 27 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की सरकार के दौरान गोमती रिवर फ्रंट के निर्माण की कवायद शुरू की गई थी.