20 जनवरी यानी राष्‍ट्रपति चुनाव के बाद वो तारीख, जिस दिन अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्‍ट्रपति पद की शपथ लेते हैं। क्‍या आप यह बात जानते हैं कि आखिर अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव खत्म होने के ढाई महीने बाद ही क्यों शपथ कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि इस तारीख का उल्लेख अमेरिकी संविधान में 20वें संशोधन के तहत किया गया था। इसलिए नवनिर्वाचित राष्‍ट्रपति इस तारीख को ही शपथ ग्रहण करते हैं। इसके पहले शपथ ग्रहण चार मार्च को होता था।

राष्ट्रपति पद का निर्वाचन प्रत्येक लीप ईयर यानी जब फरवरी उन्तीस दिन की होती है, उस वर्ष होता है। इस पद के लिए मध्यावधि चुनाव नहीं होता। यदि किसी कारण राष्ट्रपति पद रिक्त हो जाए, तो तत्काल उपराष्ट्रपति ही राष्ट्रपति बन जाता है। अपने पूर्ववर्ती के चार वर्षो में जितना समय शेष रहता है, उतने समय तक वह राष्ट्रपति रहता है. अगला चुनाव लीप ईयर में ही होता है।

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1937 के पहले तक राष्‍ट्रपति का शपथ ग्रहण 5 मार्च को आयोजित किया जाता था। वहीं 30 अप्रैल 1789 को 57 वर्षीय जॉर्ज वॉशिंगटन ने फेडरल हॉल की बॉलकनी में शपथ ली थी। दूसरी बार राष्‍ट्रपति बनने पर जॉर्ज वॉशिंगटन ने 4 मार्च 1793 को शपथ ग्रहण की थी। जेम्‍स मोनरो ने अमेरिकी राष्‍ट्रपति बनने पर सुप्रीम कोर्ट के न्‍यायाधीशों से विचार विमर्श करने के बाद 5 मार्च 1821 को अपना शपथ ग्रहण कार्यक्रम रखा था।

इसके बाद अमेरिकी संविधान में 20वां संशोधन किया गया और राष्‍ट्रपति की इनॉग्रेशन तिथि को 20 जनवरी तय किया गया। इसके बाद 20 जनवरी 1937 को फ्रेंकलीन डी रूजवेल्‍ट पहले राष्‍ट्रपति थे, जिन्‍होंने 20 जनवरी को शपथ ली थी।

शपथ लेते समय हाथ में बाइबल रखना जरूरी
शपथ ग्रहण के समय हाथ में बाइबल रखना कानूनी रूप से अनिवार्य नहीं है। 14 सितंबर 1904 को थेडर रूजवेल्‍ट ने अमेरिकी राष्‍ट्रपति पद की शपथ के समय हाथ में बाइबल नहीं उठाई थी। लेडी बर्ड जॉनसन, पहली प्रथम महिला थीं, जिन्‍होंने अपने पति के शपथ ग्राहण के दौरान हाथ में बाइबल को उठाया था।

सबसे लंबी इनॉग्रल स्‍पीच
विलियम हेनरी हैरीसन ने शपथ ग्रहण के बाद अब तक की सबसे लंबी स्‍पीच दी थी। उनका भाषण 8445 शब्‍दों का था और इसकी अवधि 1 घंटा 45 मिनट थी।
सबसे छोटा भाषण जॉर्ज वॉशिंगटन ने दिया था।