Why Kerala is dealing better with corona crisis compare to delhi, UP, Maharashtra and other states: देश में कोरोना की स्थिति भयावह बनी हुई है. उत्तर प्रदेश और दिल्ली सहित देश के कई इलाकों में ऑक्सीजन की कमी की वजह से मरीजों की जान जा रही है. लेकिन इसी देश में एक ऐसा भी राज्य है जहां हर रोज करीब-करीब यूपी के बराबर कोरोना के मरीज मिल रहे हैं, लेकिन वहां ऑक्सीजन की कोई किल्लत नहीं, बल्कि वह दूसरे राज्यों को ऑक्सीजन की सप्लाई कर रहा है.Also Read - Corona cases in UP: यूपी में आज आए 4,228 नए केस, संक्रमण रेट 1.93%

दरअसल, हम बात कर रहे हैं केरल की. दक्षिण भारत के अपेक्षाकृत इस छोटे राज्य में बड़ी संख्या में कोरोना के मरीज हैं. लेकिन यहां इलाज को लेकर कोई अफरा-तफरी नहीं दिख रही है. मंगलवार की ही बात करें तो केरल में कोरोना वायरस संक्रमण के 32,819 नए मामले सामने आए जो राज्य में एक दिन में सामने आए महामारी के सर्वाधिक मामले हैं. बीते 24 घंटे में संक्रमण से 32 लोगों की मौत हुई. Also Read - COVID Cases in Delhi: दिल्‍ली में कोरोना के 15,097 नए केस, संक्रमण दर बढ़कर 15.34% हुई

10 प्वाइंट्स में समझिए पूरा मामला

  1. केरल में अब तक कोरोना से कुल 14,60,364 लोग संक्रमित हुए हैं. संक्रमण की वजह से अब तक 5,170 लोगों ने दम तोड़ा है. इस तरह यहां 100 संक्रमित लोगों में से केवल 0.35 लोग की मौत होती है. जबकि राष्ट्रीय आंकड़ा इससे तीन गुना ज्यादा करीब 1.14 फीसदी है.
  2. दूसरी तरफ उत्तर प्रदेश है. यहां पिछले बीते 24 घंटें के दौरान कोविड-19 से संक्रमित 265 और लोगों की मौत हो गई तथा 32,993 नए मरीजों में इस संक्रमण की पुष्टि हुई. इसके साथ ही राज्य में इस वायरस से मरने वालों की संख्या बढ़कर 11,678 हो गई है. रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य में इस वक्त 3,06,401 मरीजों का उपचार किया जा रहा है.
  3. केरल में इस समय महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और कर्नाटक के बाद सबसे ज्यादा कोरोना के सक्रिय मरीज हैं. लेकिन मौत की दर और ऑक्सीजन के लिए किसी प्रकार की अफरा-तफरी न होने के पीछे यहां की अपेक्षाकृत बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था है.
  4. राज्य में इस वक्त हर रोज 100 टन से कम ऑक्सीजन की जरूरत है जबकि वह हर रोज 200 टन से अधिक ऑक्सीजन का उत्पादन करता है.
  5. आपको जानकार आश्चर्य होगा कि देश में सबसे पहला कोरोना का केस जनवरी 2020 में केरल में ही मिला था. उसके बाद राज्य सरकार ने अपने यहां स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने पर जोर दिया.
  6. इंडिया टुडे वेबसाइट की एक रिपोर्ट के मुताबिक केरल में अप्रैल 2020 में कोविड-19 टास्क फोर्स का गठन किया था. उसके बाद से राज्य में ऑक्सीजन उत्पादन क्षमता में 60 फीसदी की वृद्धि हुई है. केरल में 23 ऑक्सीजन प्लांट हैं.
  7. केरल एक ऐसा राज्य है जहां इतनी बड़ी संख्या में कोरोना के सक्रिय मरीज होने के बावजूद वह दिल्ली, तमिलनाडु और अन्य राज्यों को ऑक्सीजन की सप्लाई कर रहा है.
  8. राज्य में कोरोना से मौत का आंकड़ा बेहद कम होने के पीछे का कारण यह है कि यहां के मेडिकल कॉलेजों और हॉस्पिटलों में अधिकतर बेड पर ऑक्सीजन की सप्लाई है.
  9. इसी तरह दिल्ली की बात करें तो यहां भी स्थिति बदतर है. यहां ऑक्सीजन न मिलने की वजह से बड़ी संख्या में मरीजों ने दम तोड़ दिया. सोमवार को दिल्ली में 20,201 नए मरीज मिले थे लेकिन 380 मरीजों ने दम तोड़ दिया था. इतनी बड़ी संख्या में मरीजों की मौत के पीछे बेहद खराब स्वास्थ्य व्यवस्था है.
  10. दिल्ली की तरह ही बदतर स्थिति महाराष्ट्र की है. राज्य में अब तक 43 लाख से अधिक (कुल 43,43,727) लोग कोरोना से संक्रमित हुए हैं, लेकिन 65,284 लोगों की मौत हुई है. यहां मौत की दर 1.5 फीसदी है.
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