नई दिल्ली. विदेशमंत्री सुषमा स्वराज ने कांग्रेस के एक पोल को रीट्वीट किया है. इसमें कांग्रेस ने विदेश मंत्री की सबसे बड़ी विफलता को लेकर सवाल किया था. इसके बैकग्राउंड में जाने पर दिलचस्प जानकारी मिलती है.

दरअसल, कांग्रेस ने सोमवार की सुबह 10.50 बजे एक पोल किया था. इसमें पूछा गया था, ‘क्या आप सोचते हैं कि इराक में 39 भारतीयों की मौत सुषमा स्वराज की विदेश मंत्री के रूप में सबसे बड़ी विफलता है?’ इसके लिए लोगों को हां और ना में दो ऑपश्न दिए गए थे.

 

इस पोल में 34 हजार लोग शामिल हुए. इसमें 76 फीसदी लोगों ने ‘ना’ के साथ सहमति जताई. इसका मतलब है कि 76 फीसदी लोग इस बात पर यकीन नहीं करते हैं कि 39 भारतीयों की मौत विदेश मंत्री की सबसे बड़ी नाकामी है. हालांकि, यह एक ऐसा मुद्दा है जिसमें ये नहीं कहा जा सकता कि पोल में शामिल लोग क्या सोचते हैं. उन्हें शायद कोई और मुद्दे पर विदेश मंत्रालय की नाकामी दिख रही होगी या ये भी हो सकता है कि वे इसे उनकी नाकामी नहीं मानते हों.

सुषमा ने ये कहा था
बता दें कि 5 जून, 2014 को ISIS ने 39 भारतीयों को बंधक बना लिया था. विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने राज्यसभा में यह बयान देते हुए कहा कि एक पहाड़ी पर सभी भारतीयों को दफना दिया गया था. उन्होंने कहा कि हरजीत मसीहा की कहानी सच्ची नहीं थी. 39 में से 38 भारतीयों के शव को लाशों के ढेर से निकाल कर डीएनए टेस्ट किया गया. इसके बाद उनकी मौत की पुष्टि की गई. उन्होंने कहा कि मारे गए सभी भारतीयों का शव अमृतसर लाया जाएगा. शवों को राज्य सरकार को सौंपा जाएगा. 39 में से 31 पंजाब के रहने वाले थे. विदेश राज्यमंत्री वीके सिंह ने कहा कि सरकार को 39 कामगारों के शव वापस लाने में आठ से10 दिन लगेंगे.

डीप पेनिट्रेशन रडार के जरिए देखा गया था शव
विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने बताया कि डीप पेनिट्रेशन रडार के जरिए शवों को देखा गया था, उसके बाद सभी शवों को बाहर निकाला गया. वहां से कई निशान मिले थे और डीएनए की जांच के बाद सभी के मारे जाने की पुष्टि हुई है.