नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Union Home Minister Amit Shah) ने शनिवार को पूछा कि दशकों से अनुच्छेद 370 (Article 370) लागू था, लेकिन क्या तब जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) में शांति थी? शाह ने कहा, ” पिछले 75 साल से अनुच्छेद 370 था. शांति क्यों नहीं थी? अगर शांति और अनुच्छेद 370 के बीच संबंध है, तो क्या वह अनुच्छेद 1990 में नहीं था? वह 1990 में था तब शांति क्यों नहीं थी? गृह मंत्री ने कहा कि 2019 में संविधान के इस अनुच्छेद के प्रावधान निरस्त होने के बाद घाटी में शांति, व्यवसाय के लिए अच्छा निवेश और पर्यटकों की आमद हुई है. शाह ने दिल्‍ली में आयोजित ‘एचटी लीडरशिप समिट’ में बातचीत के दौरान ये बातें कहीं.Also Read - Goa Elections 2022: BJP ने गोवा चुनाव के लिए 6 उम्‍मीदवारों की जारी की List

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला के उस बयान का हवाला दिया, जिसमें उन्होंने कहा था कि जब तक अनुच्छेद 370 को बहाल नहीं किया जाता तब तक सरकार केंद्र शासित क्षेत्र में शांति कायम नहीं कर सकती. शाह ने कहा, ” पिछले 75 साल से अनुच्छेद 370 था. शांति क्यों नहीं थी? अगर शांति और अनुच्छेद 370 के बीच संबंध है तो क्या वह अनुच्छेद 1990 में नहीं था? वह 1990 में था तब शांति क्यों नहीं थी? अगर हम निशाना बनाकर की गई हत्याओं के आंकड़े भी शामिल करें तो यह 10 प्रतिशत के करीब भी नहीं हैं. इसका मतलब है कि वहां शांति है.” Also Read - India ने Pakistan को फिर जमकर लगाई लताड़, कहा-ओसामा बिन लादेन भी तो पाक में ही मिला था, देखें VIDEO

किसी को विश्वास नहीं था कि अनुच्छेद 370 और 35-ए को कभी निरस्त किया जा सकता है 
इससे पहले दिए अपने संबोधन में शाह ने कहा कि किसी को विश्वास नहीं था कि अनुच्छेद 370 और अनुच्छेद 35-ए को कभी निरस्त किया जा सकता है. शाह ने अपने अंग्रेजी के प्रोफेसर के साथ हुए एक संवाद का हवाला दिया, जिन्होंने कहा था कि बीजेपी द्वारा अनुच्छेद 370 को हटाने का वादा अगली पीढ़ी तक जाएगा. Also Read - UP Election 2022: BJP ने यूपी चुनाव के लिए 8 और नामों का किया ऐलान, देखें List

जम्म कश्मीर धीरे-धीरे बाकी एकजुट होकर खड़ा होने को तैयार है
अमित शाह ने कहा, ”मुझे खुशी है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संविधान से पांच अगस्त 2019 को अनुच्छेद 370 को हटा दिया. कश्मीर में अब शांति है, निवेश हो रहा है पर्यटक आ रहे हैं और जम्म कश्मीर धीरे-धीरे बाकी देश के साथ एकजुट होकर खड़ा होने को तैयार है.”

अगर हमने कर्फ्यू हटा लिया होता तो किसी जान जाती?
केंद्रीय गृहमंत्री शाह ने कहा कि उनके और प्रधानमंत्री के विरुद्ध एक बयान दिया जाता था कि जम्मू-कश्मीर में इतने लंबे समय तक कर्फ्यू लगाया गया और इंटरनेट सेवाएं बंद की गई. गृहमंत्री ने कहा, ”मैं जब वहां गया और युवाओं से पूछा कि अगर हमने कर्फ्यू हटा लिया होता तो किसी जान जाती? शुरू में तो चुप्पी थी, लेकिन बाद में उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंस में कहा कि उन्हें मार दिया जाता. तब मैंने पूछा कि मोदी जी ने कर्फ्यू लगाकर किसको बचाया. उन्होंने कहा कि उनकी जान बची. तब मैंने कहा कि देश के लोगों को यह तय करना है कि जो लोग कर्फ्यू लगाते हैं उन्हें क्या चाहिए.”

परिसीमन की प्रक्रिया के बाद चुनाव होंगे
जम्मू कश्मीर की स्थानीय पार्टियों द्वारा, राज्य का दर्जा बहाल कर चुनाव कराने की मांग पर शाह ने कहा कि संसद ने अधिनियम पारित किया है कि परिसीमन की प्रक्रिया के बाद चुनाव होंगे. शाह ने कहा कि उपराज्यपाल के प्रशासन में जिस प्रकार का विकास हो रहा है, कानून व्यवस्था में सुधार है, पर्यटक आ रहे हैं और सामाजिक क्षेत्र की योजनाओं में जो सुधार है इससे पता चलता है कि कम समय में बहुत कुछ बदल गया है.

सर्जिकल और हवाई हमले के बाद सरकार ने रक्षा नीति को विदेश नीति के साये से बाहर निकाला : शाह
सरकार ने पहली बार उरी और पुलवामा हमलों के बाद सर्जिकल स्ट्राइक और हवाई हमलों के जरिये रक्षा नीति को विदेश नीति के साये से बाहर निकाला और ‘राष्ट्र प्रथम’ के इस कदम से भारत अमेरिका और इजराइल जैसे देशों की सूची में शामिल हो गया. मंत्री ने कहा कि ये हमले आतंक के खिलाफ एक कड़ा जवाब और साथ ही सरकार के ‘राष्ट्र प्रथम’ के संकल्प को प्रदर्शन थे.

अतीत में आतंकवादी आते थे और हमारे सैनिकों को मार कर वापस चले जाते थे
गृह मंत्री ने कहा, अतीत में आतंकवादी आते थे और हमारे सैनिकों को मार कर वापस चले जाते थे और घुसपैठ की इन घटनाओं पर कोई जवाब नहीं दिया जाता था. यह पहली बार है, जब हमारे प्रधानमंत्री ने फैसला किया कि हमारी सीमाओं का उल्लंघन आसान नहीं होगा.

पूरी दुनिया हैरान थी, जब आतंकी हमलों का मुंहतोड़ जवाब दिया, सर्जिकल स्ट्राइक- एयर स्ट्राइक से घर में घुस कर उन्हें मारा
शाह ने पाकिस्तान का नाम लिए बिना कहा, “पूरी दुनिया हैरान थी, जब भारतीयों ने आतंकी हमलों का मुंहतोड़ जवाब दिया और सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक के जरिए उनके घर में घुस कर उन्हें मारा. उरी आतंकी हमले के बाद सर्जिकल स्ट्राइक और पुलवामा हमले के बाद आतंकी शिविरों को निशाना बनाकर किए गए हवाई हमले का जिक्र करते हुए मंत्री ने कहा कि भारत ने एक मिसाल कायम की है.

इन हमलों ने ऐसे अभियानों में सक्षम राष्ट्रों की सूची में भारत का नाम शामिल होना सुनिश्चित किया
गृह मंत्री शाह ने कहा कि केवल अमेरिका और इज़राइल ने ही इस तरह के हमले किए, लेकिन इन हमलों ने ऐसे अभियानों में सक्षम राष्ट्रों की सूची में भारत का नाम शामिल होना सुनिश्चित किया. उन्होंने कहा, पहली बार, रक्षा नीति विदेश नीति के साये से बाहर आई. हमने यह स्पष्ट किया कि हम सभी के साथ शांति चाहते हैं. हम किसी से दुश्मनी नहीं चाहते लेकिन अपनी सीमाओं की रक्षा करना हमारी प्राथमिकता है. शाह ने कहा, हमारी रक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है. हम दुनिया भर में एक निश्चित और जोरदार संदेश भेजने में सक्षम हुए हैं कि अगर आप शांति बनाए रखना चाहते हैं, तो हमें शांति से व्यवहार करना चाहिए. इस संदेश की वजह से भारत को दुनिया में एक नई तरह की पहचान मिली है.

(इनपुट भाषा)