जंगली हाथी का कहर: झुंड से बिछड़ा, रिहाइशी इलाकों में कहर, एक ही रात में छह लोगों को मार डाला

सूत्रों के अनुसार बुधवार से यह ऑपरेशन शुरू हो सकता है. हाथी को दवा देकर बेहोश किया जाएगा, ताकि इसे सुरक्षित जगह ले जाया जा सके.

Published date india.com Published: January 7, 2026 2:25 PM IST
प्रतीकात्मक तस्वीर
प्रतीकात्मक तस्वीर

झारखंड के पश्चिम सिंहभूम जिले में एक बेकाबू जंगली दंतैल हाथी ने आतंक मचा रखा है. यह हाथी झुंड से बिछड़ गया है और पिछले कई दिनों से हिंसक होकर गांवों में घुस रहा है. देर रात नोवामुंडी और हाटगमहरिया इलाके में इस हाथी ने अलग-अलग हमलों में छह लोगों की जान ले ली. इनमें एक ही परिवार के चार सदस्य शामिल हैं. इस घटना से पूरे जिले में कोहराम मच गया है और ग्रामीणों में भय का माहौल है. चाईबासा के डिविजनल फॉरेस्ट ऑफिसर आदित्य नारायण ने इसकी पुष्टि की है. मंगलवार की रात का हमला सबसे भयावह रहा. नोवामुंडी क्षेत्र में हाथी ने घरों में सो रहे लोगों पर अचानक धावा बोल दिया. एक परिवार के चार सदस्यों समेत छह लोग मारे गए. मृतकों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं. हाटगमहरिया में भी इसी तरह के हमले हुए जहां लोग घरों से घसीटकर मारे गए. साल 2026 की शुरुआत से ही इसकी वजह से मौतों का सिलसिला चल रहा है. अब तक जिले में हाथी के हमलों से नौ से अधिक लोगों की जान जा चुकी है.

दिन भर जंगल में छिपा रहता है

ग्रामीणों का कहना है कि हाथी दिन भर जंगल में छिपा रहता है और रात होते ही गांवों की ओर निकल पड़ता है. अंधेरे में यह सोते हुए लोगों पर हमला कर रहा है. विशेषज्ञों के मुताबिक झुंड से अलग होने या हार्मोनल बदलाव की वजह से नर हाथी इतना आक्रामक हो जाता है. इस इलाके में सारंडा और कोल्हान के घने जंगलों से हाथी अक्सर निकलते हैं. लेकिन, इस बार का हमला बेहद खतरनाक साबित हो रहा है.

विशेष टीम कर रही है जंगलों में तलाश

वन विभाग की टीम पूरी रात हाथी को ट्रैक करने में लगी रही. पश्चिम बंगाल से आई विशेष टीम भी जंगलों में तलाश कर रही है. थर्मल सेंसर वाले ड्रोन की मदद भी ली जा रही है. लेकिन, अब तक हाथी को पकड़ने में सफलता नहीं मिली. ग्रामीण निहत्थे हैं और रात में घरों में भी सुरक्षित नहीं महसूस कर रहे. कई गांवों में लोग जागकर रात गुजार रहे हैं. प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने की चेतावनी दी है.

बेकाबू हाथी को ट्रेंकुलाइज करने की तैयारी

अब विभाग ने हाथी को शांत करने का प्लान बनाया है. बेकाबू हाथी को ट्रेंकुलाइज करने की तैयारी की जा रही है. दुनिया के बड़े पशु संरक्षण केंद्रों में से एक वनतारा की टीम से मदद मांगी गई है.  (इनपुट आइएएनएस हिंदी से)

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