क्या ट्रेन टिकट पर बुजुर्गों को मिलने वाली छूट फिर होगी बहाल? बजट में क्या इसे सरकार करेगी कोई फैसला

Senior citizens Train Ticket: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को बजट पेश करेंगी. बजट में अगर रेलवे टिकट पर मिलने वाली छूट वापस लाई जाती है तो इससे लाखों बुजुर्ग यात्रियों को फायदा होगा.

Published date india.com Updated: January 9, 2026 7:59 PM IST
Senior citizens Train Ticket

Senior citizens Train Ticket: कोविड के बाद से रेलवे की लगभग सभी सेवाएं धीरे-धीरे बहाल हो गई हैं. भारतीय रेलवे के कोविड के बाद एक-एक कर सभी पाबंदियों को हटा दिया. हालांकि वरिष्ठ नागरिकों को किराये में मिलने वाली छूट अब तक बहाल नहीं हुई है. 1 फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण जब बजट पेश करेंगी तो वरिष्ठ नागरिकों को सबसे ज्यादा इंतजार रेलवे किराये में मिलने वाली छूट का होगा. COVID-19 से पहले वरिष्ठ नागरिकों को रेलवे टिकट पर छूट मिलती थी, जिसे महामारी के दौरान हटा दिया गया था, लेकिन अब तक इसे फिर से शुरू नहीं किया गया है.

हाल ही में रेलवे ने बढ़ाया है किराया

भारतीय रेलवे ने हाल ही में 215 किलोमीटर से ज्यादा की यात्रा के लिए किराया बढ़ा दिया है. जनरल कैटेगरी में प्रति किलोमीटर 1 पैसा और मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों की नॉन-AC और AC कैटेगरी में प्रति किलोमीटर 2 पैसे अतिरिक्त चार्ज किया जाएगा. रेलवे का अनुमान है कि इस फैसले से लगभग 600 करोड़ रुपये का अतिरिक्त रेवेन्यू मिलेगा.

वरिष्ठ नागरिकों को पहले मिलती थी कितनी छूट?

COVID से पहले रेलवे वरिष्ठ नागरिकों को टिकट पर अच्छी खासी छूट देता था. साल 2019 तक 60 साल या उससे ज्यादा उम्र के पुरुषों को 40% और 58 साल या उससे ज्यादा उम्र की महिलाओं को 50% की छूट मिलती थी. यह छूट मेल, एक्सप्रेस, राजधानी, शताब्दी और दुरंतो जैसी ट्रेनों में भी लागू थी. इसका मतलब अगर राजधानी ट्रेन में फर्स्ट AC टिकट की कीमत 4,000 रुपये थी तो एक वरिष्ठ नागरिक वही टिकट 2,000–2,300 में ले सकता था. तब लंबी दूरी की यात्रा काफी सस्ती थी.

क्यों बंद हुई थी यह सुविधा?

साल 2020 में कोविड महामारी के दौरान सरकार ने इस छूट को अस्थायी रूप से खत्म करने का फैसला किया था. उस समय सरकार का तर्क यह था कि यात्रियों की संख्या कम थी और रेलवे की वित्तीय स्थिति पर दबाव था. हालांकि, अब स्थिति बदल गई है. ट्रेनें फिर से भरी हुई हैं और रेवेन्यू में सुधार हुआ है. हालांकि छूट फिर भी बहाल नहीं की गई है. इसी वजह से बुजुर्ग यात्रियों में काफी नाराजगी है.

बजट से क्या उम्मीदें?

बुजुर्गों की यह कहना है कि रिटायरमेंट के बाद इनकम कम हो जाती है. कई लोग पेंशन या सेविंग्स पर निर्भर रहते हैं. उन्हें मेडिकल इलाज, धार्मिक यात्राओं या बच्चों से मिलने के लिए अक्सर यात्रा करनी पड़ती है. ऐसे में बढ़ते किराये उनकी जेब पर बोझ बन जाते हैं. उनका मानना ​​है कि टिकटों पर छूट बहाल करने से उन्हें काफी राहत मिलेगी. अब सबकी निगाहें 1 फरवरी, 2026 पर टिकी हैं, जब वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बजट पेश करेंगी.

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