नई दिल्‍ली: चीन से एलएसी पर बढ़े तनाव के बीच आज रक्षामंत्री राजनाथ सिंह आज रूस की यात्रा पर रवाना हो गए हैं. रक्षा मंत्री ने मास्‍को की तीन दिन की यात्रा पर जाने से पहले आज ट्वीट कर अपनी यात्रा मकसद भी बताया है. उन्‍होंने कहा, रूस की यात्रा से मुझे भारत-रूस रक्षा और रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने के तरीकों पर बातचीत करने का अवसर मिलेगा. मैं मास्को में 75 वें विजय दिवस परेड में भी शामिल होऊंगा. Also Read - भारत को मिला अमेरिका का समर्थन, माइक पॉम्पिओ बोले- चीन को भारत ने दिया सही जवाब

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह द्वितीय विश्व युद्ध में जर्मनी पर सोवियत संघ की विजय की 75वीं वर्षगांठ पर सैन्य परेड में हिस्सा लेने के लिए तीन दिवसीय रूस यात्रा पर आज रवाना हुए हैं. Also Read - पाकिस्तान ने कहा- कुलभूषण जाधव ने अपील दायर करने से मना किया, भारत ने दावे को बताया ‘स्वांग’

माना जा रहा है रक्षा मंत्री एस-400 मिसाइल सिस्‍टम की जल्‍द आपूर्ति समेत कई रक्षा सौदों को लेकर चर्चा कर सकते हैं.

बता दें क‍ल ही रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा शीर्ष सैन्य अधिकारियों के साथ पूर्वी लद्दाख में स्थिति की समीक्षा की गई, जिसमें सेना के तीनों अंगों को सीमा पर चीन के साथ तनाव के मद्देनजर हथियार एवं गोला-बारूद खरीदने के लिए प्रति खरीद 500 करोड़ रुपए तक की अतिरिक्त सहायता वित्तीय शक्तियां भी प्रदान कर दी हैं.

रक्षा मंत्री की यह समीक्षा बैठक द्वितीय विश्व युद्ध में जर्मनी पर सोवियत संघ की विजय की 75वीं वर्षगांठ पर सैन्य परेड में हिस्सा लेने के लिए तीन दिवसीय रूस यात्रा पर रवाना होने से एक दिन पहले हुई है.

सूत्रों के मुताबिक, सेना को चीनी आक्रामकता से सख्ती से निपटने को कहा गया, आग्नेयास्त्रों के इस्तेमाल की अनुमति भी दे दी गई है. चीन के साथ लगती 3,500 किलोमीटर लंबी वास्तविक नियंत्रण रेखा पर तैनात सशस्त्र बलों को बीजिंग के किसी भी दुस्साहस का मुंहतोड़ जवाब देने की आजादी दे दी गई है.

रक्षा मंत्री के साथ इस बैठक में प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल बिपिन रावत, थलसेना प्रमुख जनरल एम एम नरवणे, नौसेना प्रमुख एडमिरल करमबीर सिंह और वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया ने हिस्सा लिया.

पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में 15 जून को चीन के साथ हिंसक झड़प में भारत के 20 सैनिकों के शहीद होने के बाद भारत ने चीन से लगती सीमा पर अग्रिम इलाकों में लड़ाकू विमानों और हजारों की संख्या में अतिरिक्त सैनिकों को पहले ही तैनात कर दिया है.