चंडीगढ़| ‘पद्मावत’ फिल्म की अभिनेत्री दीपिका पादुकोण और निर्देशक संजयलीला भंसाली का सर कलम करने के वास्ते कथित रुप से 10 करोड़ रुपये के इनाम की घोषणा करने वाले राजपूत नेता सूरज पाल अमू ने आज कहा कि वह शांतिपूर्ण तरीके से फिल्म का विरोध जारी रखेंगे. उच्चतम न्यायालय द्वारा इस विवादास्पद फिल्म की 25 जनवरी को पूरे देश में रिलीज का मार्ग प्रशस्त किये जाने के बाद अमू ने कहा, ‘‘मैं शांतिपूर्ण ढंग से विरोध करना जारी रखूंगा. इसके लिए मुझे यदि फांसी पर चढ़ा दिया जाता है तो भी मुझे कोई दिक्कत नहीं है.’’Also Read - Goa: पूर्व मुख्‍यमंत्री रवि नाइक ने दिया कांग्रेस के व‍िधायक पद से इस्तीफा, BJP में हो सकते हैं शामिल

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Supreme Court stays notification by Madhya Pradesh, Haryana, Rajasthan and Gujarat, grants green signal to release of the film Padmaavat | सुप्रीम कोर्ट ने हटाई पद्मावत पर 4 राज्यों में लगी रोक, सरकारों को दिखाया आईना

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उन्होंने पीटीआई भाषा से कहा, ‘‘हम अदालत के आदेश का सम्मान करते हैं. हम पढ़े-लिखे लोग हैं, हम कानून का सम्मान करते हैं. लेकिन हमें शांतिपूर्ण प्रदर्शन का हक है और हम ऐसा ही कर रहे हैं. हमारा मानना है कि यह फिल्म राजपूत बिरादरी की भावनाएं आहत करती है.’’ Also Read - सिद्धू के बाद पंजाब के CM ने कहा- पाकिस्तान से व्यापार शुरू हो, मैं केंद्र को पत्र लिखूंगा

अमू ने पिछले साल 29 नवंबर को प्रदेश भाजपा के मुख्य मीडिया संयोजक पद से इस्तीफा दे दिया था. उससे कुछ दिन पहले पार्टी ने उन्हें इनाम की घोषणा करने पर कारण बताओ नोटिस दिया था.

अमू ने नवंबर में दिल्ली में राजपूतों के एक कार्यक्रम में कहा था, ‘‘हम किसी को रानी पद्दमावती के साहसिक चरित्र को धूमल कर और इतिहास के खलनायकों का महिमामंडन कर इतिहास के साथ छेड़छाड़ करने और लोगों को गुमराह करने की इजाजत नहीं दे सकते. हम किसी भी कीमत पर यह फिल्म रिलीज नहीं होने देंगे.’’

उच्चतम न्यायालय ने ‘‘पद्मावत’’ के प्रदर्शन पर रोक संबंधी राजस्थान एवं गुजरात सरकारों के आदेशों एवं अधिसूचना पर आज स्थगन लगा दिया. इससे इसकी राष्ट्रव्यापी रिलीज का मार्ग प्रशस्त हो गया.