कोलकाता: पश्चिम बंगाल में सोमवार को राजनीतिक गलियारों में अटकलें लगने लगीं कि चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर को राज्य पुलिस से ‘जेड’ श्रेणी की सुरक्षा मिल सकती है. बहरहाल, राज्य सचिवालय और तृणमूल कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने इस पर चुप्पी साध रखी है. किशोर से संपर्क करने का प्रयास किया गया लेकिन कोई जवाब नहीं मिला. ऐसी भी अटकलें लगायी जा रही हैं कि प्रशांत किशोर 2021 के विधानसभा चुनावों के पहले ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो सकते हैं. घटनाक्रम पर माकपा विधायक दल के नेता सुजान चक्रवर्ती ने पूछा कि राज्य सरकार के खर्चे पर किशोर को ‘जेड’ श्रेणी की सुरक्षा क्यों दी जा रही है, जबकि पश्चिम बंगाल के जनजीवन से उनका कोई संबंध ही नहीं है. Also Read - Covid-19: प्रशांत किशोर ने शेयर किया लॉकअप में बंद मजदूरों का वीडियो, मांगा नीतीश का इस्तीफा

बता दें कि दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी (आप) की जीत ने एकबार फिर चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर और उनकी कंपनी इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी (आई-पैक) को चर्चा में ला खड़ा किया है, जिन्होंने सबसे पहले 2014 के लोकसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी के प्रसिद्ध ‘चाय पे चर्चा’ चुनाव अभियान से प्रचार की रूपरेखा में बदलाव किया था. Also Read - प्रशांत किशोर को राज्यसभा भेज सकती है तृणमूल कांग्रेस, पश्चिम बंगाल से होगी संसदीय राजनीति की शुरुआत!

हालांकि इस बार जदयू से निष्कासित किए जाने से नाराज प्रशांत ने दिल्ली चुनाव संपन्न होने के बाद पटना आकर अपनी आगे की रणनीति का खुलासा तथा नीतीश को ‘बेनकाब’ करने की धमकी दी थी. लेकिन अब ऐसा लग रहा है कि वे जल्द ही किसी बड़े पॉलिटिकल फॉरम के साथ मैदान में आ सकते हैं. Also Read - Bihar Assembly Election: महागठबंधन में किचकिच, कई बड़े नेताओं ने प्रशांत किशोर से की मुलाकात

ऐसा माना जा रहा है कि रणनीतिकार और पूर्व JD (U) नेता प्रशांत किशोर राजनीति में युवाओं की बड़ी भागीदारी को आमंत्रित करने के लिए किसी राजनीतिक मंच के साथ मैदान में उतर सकते हैं. द इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक उनके 18 फरवरी को पटना दौरे के दौरान इस तरह की घोषणा करने की उम्मीद है.

इनपुट-एजेंसी