Kisan Andolan: तीनों कृषि कानूनों (Farm Laws) को वापस लिये जाने के बाद भी किसानों का आंदोलन (Farmers Protest) जारी है. हालांकि जल्द ही किसान अपना आंदोलन खत्म करने का ऐलान कर सकते हैं. संयुक्त किसान मोर्चा ने बुधवार को कहा कि उनकी लंबित मांगों पर केंद्र के प्रस्ताव के ताजा मसौदे पर आम सहमति बन गई है. SKM की तरफ से बताया गया कि आंदोलन के लिए भविष्य की रणनीति तय करने को लेकर गुरुवार को बैठक होनी है. हालांकि संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) के नेता सरकार से ‘लेटरहेड’ पर औपचारिक संवाद की मांग कर रहे हैं. किसान नेता और SKM कोर समिति के सदस्य गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि लंबित मांगों के संबंध में केंद्र सरकार की ओर से पहले प्राप्त हुआ प्रस्ताव का मसौदा स्वीकार करने योग्य नहीं था, जिसके बाद केंद्र ने बुधवार को नए सिरे से प्रस्ताव का मसौदा भेजा है.Also Read - Assembly Elections 2022: चुनाव के ऐलान के बाद UP में भाजपा के कार्यकर्ताओं से आज पहली बार बात करेंगे PM मोदी

SKM कोर समिति की बैठक के बाद संवाददाता सम्मेलन में चढूनी ने कहा, ‘अपनी मांगों को लेकर हम सरकार से सहमत हैं. गुरुवार की बैठक के बाद हम आंदोलन को स्थगित करने पर फैसला लेंगे. आंदोलन वापस लेने के संबंध में अभी तक कोई फैसला नहीं लिया गया है. SKM की कल (गुरुवार) दोपहर 12 बजे और एक बैठक होगी.’ किसान आंदोलन का नेतृत्व कर रहे एसकेएम ने एक बयान में कहा कि किसानों की मांग के संबंध में केन्द्र सरकार के मसौदे पर आमसहमति बन गई है. Also Read - PM मोदी आज WEF के दावोस एजेंडा में 'स्टेट ऑफ द वर्ल्ड' को करेंगे संबोधित

एसकेएम ने एक बयान में कहा, ‘सरकार के ताजा प्रस्ताव पर आम सहमति बन गई है. अब सरकार के लेटरहेड पर औपचारिक संवाद का इंतजार है. एसकेएम की गुरुवार दोपहर 12 बजे फिर से सिंघू बॉर्डर पर बैठक होगी, उसके बाद मोर्चा उठाने के संबंध में औपचारिक फैसला लिया जाएगा.’ Also Read - गणतंत्र दिवस परेड से बंगाल की झांकी हटाई गई, केंद्र के फैसले से ‘स्तब्ध’ ममता बनर्जी ने PM मोदी को लिखा पत्र

(इनपुट: भाषा)