नई दिल्ली. कनाडा के प्रधानंमत्री जस्टिन ट्रूडो की भारत यात्रा दोषी करार दिए गए खालिस्तानी आतंकी जसपाल अटवाल को एक रात्रिभोज के लिए आमंत्रित किए जाने के कारण एक और विवाद में घिर गई. नुकसान की भरपाई का प्रयास करते हुए कनाडाई उच्चायुक्त नादिर पटेल ने आयोजित डिनर के लिए जसपाल अटवाल का निमंत्रण रद्द कर दिया. वहीं विदेश मंत्रालय ने कहा कि वह इस बात की जांच कराएगी कि अटवाल भारत कैसे पहुंचा.

कनाडा के पीएम ने कहा- मेरी भारत यात्रा हाथ मिलाने और तस्वीरें खिंचवाने के लिए नहीं है

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कनाडाई उच्चायोग ने एक बयान में कहा, ‘उच्चायोग ने अटवाल के निमंत्रण को रद्द कर दिया है. हम प्रधानमंत्री की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर टिप्पणी नहीं करते.’ इस विवाद पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए ट्रूडो ने संवाददाताओं से कहा, ‘निश्चित रूप से हमने इस स्थिति को काफी गंभीरता से लिया है. सवालों के घेरे में आए व्यक्ति को कभी भी निमंत्रण नहीं मिलना चाहिए था और जैसे ही हमें पता चला, हमने तत्काल निमंत्रण को रद्द कर दिया… संसद के सदस्य जिन्होंने इस व्यक्ति को शामिल किया, वह अपनी गतिविधि के लिए पूरी जिम्मेदारी लेंगे.’ Also Read - किसान आंदोलन पर बोलकर फंसे कनाडाई पीएम, भारत ने उच्चायुक्त को किया तलब; द्विपक्षीय संबंध बिगड़ने की चेतावनी

केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा कि अब अटवाल का नाम काली सूची में डाले गए सिख आतंकवादियों की सूची में नहीं है. अटवाल 1986 में पंजाब के तत्कालीन मंत्री मलकीत सिंह सिधु की वैंकुवर में हत्या का प्रयास करने का दोषी है. अटवाल को वीजा मिलने के बारे में पूछे जाने पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा कि सरकार इन तथ्यों का पता लगा रही है कि उसे भारत आने का वीजा कैसे मिला.

कुमार ने संवाददाताओं से कहा कि इसके दो पहलू हैं. एक उसका कार्यक्रम में उपस्थिति को लेकर है जिस पर कनाडाई पक्ष को गौर करना है. उन्होंने कहा है कि यह चूक थी और इस वजह से आज के रात्रिभोज के लिए आमंत्रण वापस ले लिया गया है. 

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उन्होंने कहा, ‘वीजा के बारे में, मैं तत्काल नहीं कह सकता कि यह कैसे हुआ. लोगों के भारत में आने के कई तरीके हैं, आप भारतीय नागरिक हैं या ओसीआई कार्डधारक. हम अपने मिशन से ब्यौरे का पता कर रहे हैं. हमें देखना होगा कि यह कैसे हुआ.’ अटवाल को 1986 में पंजाब के तत्कालीन मंत्री मलकीत सिंह सिधु की वैंकुवर में हत्या का प्रयास करने का दोषी ठहराया गया है.

रवीश कुमार ने कहा कि तथ्य यह है कि मंत्रालय ने वीजा जारी किया है, इसका मतलब है कि अटवाल भारतीय नागरिक नहीं है. जब उनसे पूछा गया कि क्या अटवाल को भारत में गिरफ्तार किया जा सकता है तो उन्होंने कहा कि उसके खिलाफ मामले थे, जिसकी सजा उसने काट ली है. मंत्रालय को इस बात की जानकारी नहीं है कि उसके खिलाफ भारत में मामला है कि नहीं. इसकी जांच कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ मिलकर की जाएगी.

इसी बीच ‘द वैकुअर सन’ की खबर के मुताबिक अटवाल ने कहा कि उनकी रात्रि भोज में शामिल होने की योजना नहीं थी क्योंकि वह कारोबार के सिलसिले में मुंबई में थे.