नई दिल्ली: इसी साल 28 अप्रैल को हुए 65वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड काफी विवादों में रहे थे. उस समय जिन 60 विजेताओं ने अवॉर्ड लेने से मना कर दिया था उनसे अभी तक सरकार ने कोई कॉन्टेक्ट नहीं किया है. ऐसे में जिन कलाकारों ने अवॉर्ड जीते थे वो अब परेशान हैं कि उन्हें अवॉर्ड मिलेगा भी या नहीं.

अपनी फिल्म ‘वॉकिंग0 विद द विंड’ के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार जीतने वाले फिल्मकार प्रवीन उन 60 विजेताओं में से एक हैं जिन्होंने अवॉर्ड सेरेमनी में जाने से मना कर दिया था. ‘मुंबई मिरर’ से बात करते हुए कहा प्रवीन ने कहा, ”मैंने अभी तक इस मामले में सरकार से कोई कॉन्टेक्ट नहीं किया है हालांकि मैं बाकी विजेताओं से टच में हूं जिन्होंने मेरे साथ अवॉर्ड सेरेमनी में हिस्सा नहीं लिया था. बाकी विजेताओं में से कुछ लोगों ने सरकारी ऑफिस में कॉन्टेक्ट किया था तो वहां से अनाधिकारिक रूप से जवाब मिला है कि सरकार अभी ये फैसला नहीं ले पाई है कि हमें अवॉर्ड कैसे और कब दिए जाएंगे. नेशनल अवॉर्ड सेरेमनी के बाद से सरकार की तरफ से हमसे कोई कॉन्टेक्ट नहीं किया गया है.”

क्या था विवाद?
विवाद इस बात पर था कि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ही सारे अवॉर्ड दें जबकि इस बार के नेशनल फिल्म अवॉर्ड में ये तय किया गया था कि राष्ट्रपति के अलावा सूचना एवं प्रसारण मंत्री भी अवॉर्ड देंगे. हुआ भी ऐसा ही था राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के अलावा तत्कालीन सूचना एवं प्रसारण मंत्री स्मृति ईरानी और उन्हीं के राज्यमंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौर ने भी विजेताओं को अवॉर्ड दिया था. इसका विरोध करने के लिए 60 विजेताओं ने अवॉर्ड सेरेमनी का बहिष्कार किया था.