नई दिल्ली. इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे (दिल्ली हवाईअड्डे) पर कम दृश्यता की वजह से मंगलवार को उड़ानों का परिचालन आंशिक तौर पर निलंबित रहा और 80 से अधिक उड़ानों में देरी हुई. राजधानी दिल्ली में मंगलवार की सुबह सर्द और कोहरे में डूबी रही. इस वजह से दृश्यता घटकर 50 मीटर रह गई. एक अधिकारी ने बताया कि करीब 11 घंटे तक निम्न दृश्यता प्रक्रियाएं (एलवीपी) लागू रहीं. इस दौरान दो उड़ानों को रद्द करना पड़ा, पांच के मार्ग में परिवर्तन किया गया और 84 उड़ानों में देरी हुई. तीन अंतरराष्ट्रीय और दो घरेलू उड़ानों के मार्ग में परिवर्तन किया गया. किसी भी विमान के उड़ान भरने के लिए कम-से-कम 125 मीटर की दृश्यता जरूरी है. उधर, उत्तर भारत के कई हिस्सों में घने कोहरे की वजह से करीब 4 ट्रेनों को रद्द कर दिया गया और 12 देरी से चल रही हैं. रेलवे अधिकारियों ने यह जानकारी दी.

दिल्ली एयरपोर्ट के अधिकारी के मुताबिक, कम दृश्यता उड़ान (एलवीटीओ) आवश्यकताएं पूरी नहीं होने की वजह से उड़ानों की रवानगी को सुबह सात बजकर 15 मिनट पर दो घंटे के लिए रोका गया. प्रस्थान सेवा 9 बजकर 16 मिनट पर फिर से शुरू हो सकी. इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा देश का सबसे व्यस्ततम हवाईअड्डा है. यहां से औसतन हर घंटे 70 से ज्यादा उड़ानें संचालित होती हैं. इसमें आगमन और प्रस्थान दोनों शामिल हैं. लेकिन कोहरे की वजह से पिछले कुछ दिनों में यहां पर विमानों की लैंडिंग और उड़ान भरने में समस्या हो रही है.

इधर, कोहरे का असर रेलवे सुविधाओं पर भी पड़ रहा है. उत्तर रेलवे के अनुसार, मंगलवार को विभिन्न रूटों पर घने कोहरे की वजह से नई दिल्ली से रवाना होने वाली चार ट्रेनों को रद्द कर दिया गया, जबकि 12 ट्रेनें देरी से चल रहीं हैं. रद्द की गई ट्रेनों में महाबोधि एक्सप्रेस, गोमती एक्सप्रेस, हरिहर एक्सप्रेस व आनंद विहार-सियालदह एक्सप्रेस शामिल हैं. इससे पहले उत्तर रेलवे ने दिसंबर 2018 से फरवरी 2019 के बीच 48 ट्रेनों के रद्द किए जाने और 20 ट्रेनों के फेरों को कम करने की घोषणा की.

(इनपुट – एजेंसी)