नई दिल्ली: संसद के शीतकालीन सत्र में दोनों सदनों लोकसभा और राज्‍यसभा को अनिश्चित काल के लिए स्‍थगित कर दिया गया. संसद के शीतकालीन सत्र की शुरूआत 18 नवंबर को हुई थी और यह आज 13 दिसंबर तक निर्धारित थी. राज्यसभा के 250वें सत्र की बैठक शुक्रवार को अनिश्चित काल के स्थगित कर दी गई. लोकसभा की उत्पादकता 115 प्रतिशत दर्ज की गई. वहीं, राज्यसभा में लगातार ऐसा दूसरी बार हुआ है जब सदन में शतप्रतिशत कामकाज दर्ज किया गया.

राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू ने उच्च सदन के 250वें सत्र को कामकाज के लिहाज से ऐतिहासिक बताते हुये सदन की बैठक अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने की घेाषणा की. संसद के शीतकालीन सत्र की शुरुआत 18 नवंबर को हुई थी. राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू ने उच्च सदन के 250वें सत्र को कामकाज के लिहाज से ऐतिहासिक बताते हुए सदन की बैठक अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने की घेाषणा की. इस दौरान उन्होंने इस सत्र के दौरान रिकॉर्ड कामकाज होने के लिए सभी सदस्यों का आभार व्यक्त किया.

संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान लोकसभा की कार्यवाही शुक्रवार को अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दी गई. सत्र के अंतिम दिन लोकसभा में भाजपा सदस्यों ने कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी की बलात्कार मामलों पर टिप्पणी को लेकर भारी हंगामा किया और उनसे माफी की मांग की. सदन की कार्यवाही दो बार स्थगित करनी पड़ी.

लोकसभा की उत्पादकता 115 प्रतिशत दर्ज की गई
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि सत्र के दौरान सदन की 20 बैठकें हुई, जो 130 घंटे 45 मिनट चलीं. वर्ष 2019-20 के लिए अनुदान की अनुपूरक मांगों पर 5 घंटे और 5 मिनट चर्चा हुई. उन्होंने कहा कि सत्र के दौरान 18 सरकारी विधेयक पुन:स्थापित हुए और कुल मिलाकर 14 विधेयक पारित हुए.

बिरला ने कहा कि 140 तारांकित प्रश्नों के मौखिक उत्तर दिए गए और औसतन प्रतिदिन लगभग 7.36 प्रश्नों के उत्तर दिए गए. इसके अलावा प्रतिदिन 20.42 अनुपूरक प्रश्नों के उत्तर दिए गए. प्रतिदिन औसतन 58.37 मामले उठाए गए. नियम 377 के अधीन कुल 364 मामले उठाए गए.

स्पीकर ने कहा, इस प्रकार से सभा की उत्पादकता 115 प्रतिशत दर्ज की गई. लोकसभा अध्यक्ष के वक्तव्य के बाद सदन में ‘वंदे मातरम’ की धुन बजाई गई. जिसके बाद सभा की बैठक अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दी गई .

राज्यसभा का 250वां सत्र रहा ‘ऐतिहासिक, हुआ शत प्रतिशत कामकाज
राज्यसभा का 250वां सत्र शुक्रवार को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो गया. इस दौरान नागरिकता संशोधन विधेयक, एससी एसटी आरक्षण को दस साल आगे बढ़ाने संबंधी संविधान संशोधन विधेयक और ट्रांसजेंडर विधेयक सहित 15 महत्वपूर्ण विधेयक पारित किए गए और सत्र के दौरान शत प्रतिशत कामकाज हुआ. राज्यसभा में लगातार ऐसा दूसरी बार हुआ है जब सदन में शतप्रतिशत कामकाज दर्ज किया गया. स्थगित करने की घोषणा से पहले सभापति एम वेंकैया नायडू ने अपने पारंपरिक भाषण में सत्र के दौरान हुए कामकाज और लोकमहत्व के विषयों पर की गई चर्चाओं पर संतोष जताते हुए इसे ऐतिहासिक’ करार दिया.

इस सत्र में कुल 20 बैठकें हुई
– इस दौरान सदन में 108 घंटे 33 मिनट तक निर्धारित कामकाज होना था
– विभिन्न मुद्दों पर हंगामे के चलते सदन के कामकाज में 11 घंटे 47 मिनट का नुकसान हुआ
– किंतु सदस्यों ने 10 घंटे 52 मिनट अधिक काम करके सदन की उत्पादकता को 100 प्रतिशत पर ला दिया
– सत्र के दौरान कुल 15 विधेयक पारित किए गए या विचार कर लौटाये गए
– इनमें ट्रांसजेंडर व्यक्ति (अधिकारों का संरक्षण) विधेयक शामिल है
– ट्रांसजेंडर के हितों के लिएलाया गया अपनी तरह का पहला विधेयक है
– विधेयकों पर सदन में लंबी चर्चा हुई तथा विपक्ष एवं सत्तापक्ष के लोगों ने खुलकर अपने विचार रखे
– यह सत्र प्रश्नकाल के लिहाज से भी 1971 के बाद पिछले 49 सालों में सबसे बेहतरीन रहा
– कुल 255 मौखिक सवालों में से 171 का जवाब दिया गया, जो कुल सवालों का 67 प्रतिशत है
– इस प्रकार सत्र के दौरान प्रतिदिन 9.5 मौखिक सवालों का जवाब दिया गया

राज्‍यसभा में इस दौरान नागरिकता (संशोधन) विधेयक तथा अनुसूचित जाति एवं जनजाति आरक्षण को दस साल बढ़ाने संबंधी संविधान (126वां) संशोधन, ई सिगरेट पर रोक लगाने संबंधी विधेयक, अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र संबंधी विधेयक सहित विभिन्न विधेयकों पर चर्चा हुई. साथ ही उच्च सदन में लंबे अंतराल के बाद अनुदान की अनुपूरक मांगों को चर्चा के बाद लोकसभा को लौटाया गया. सत्र के दौरान सदस्यों ने दो ध्यानाकर्षण प्रस्ताव तथा शून्यकाल में एवं विशेष उल्लेख के जरिये लोकमहत्व के विभिन्न मुद्दे उठाए.