Winter Session of Parliament: कभी कृषि कानूनों (Farm Laws) पर चर्चा को लेकर तो कभी 12 राज्यसभा सांसदों को शीतकालीन सत्र (Winter Session) से निलंबित करने के मुद्दे पर पिछले दो दिन से संसद (Parliament) के दोनों सदन में कामकाज बाधित रहा है. हालांकि, इसके बावजूद सरकार ने तीनों कृषि कानूनों को वापस (Farms Laws Repealed) लेने के फैसले पर दोनों सदनों से मुहर लगवा ली है. इस बीच अगर बुधवार को लोकसभा (Loksabha) और राज्यसभा (Rajyasabha) में कामकाज बाधित नहीं हुआ तो शीतकालीन सत्र के तीसरे दिन कोरोना (Coronavirus) के नए वेरिएंट Omicron के जोखिम और इससे निपटने की तैयारियों पर चर्चा हो सकती है. कई अन्य विधायी कार्यों के साथ ही सरकार ‘द असिस्टेड रिप्रोडक्टिव टेक्नोलॉजी (रेगुलेशन) बिल, 2020’ को भी पेश करने की कोशिश कर सकती है. विपक्ष के हंगामे और सदनों के बार-बार स्थगित होने के चलते सरकार पिछले दो दिन में यह बिल पेश करने में विफल रही है.Also Read - Assembly Polls 2022: कोरोना के मामलों के बीच क्या रैलियों, रोड शो पर लगी पाबंदियां बढ़ेंगी? चुनाव आयोग की अहम बैठक आज

गौरतलब है कि कोरोना का नया वेरिएंट Omicron दुनिया के कई देशों में फैल चुका है. भारत में इसको लेकर केंद्र और राज्य सरकारें बेहद सतर्क हैं और सभी को जरूरी नियमों का पालन करने को कहा जा रहा है. कई राज्य सरकारों ने अपने यहां कड़े नियम लगा दिए हैं. Omicron के संभावित खतरे को देखते हुए नियम 193 के तहत बुधवार को इस पर संसद में चर्चा हो सकती है. इस नियम के तहत सदस्य नए कोविड वेरिएंट के बारे में जानकारी ले सकते हैं. सूत्रों ने कहा कि लोकसभा में नए Omicron वेरिएंट पर छोटी चर्चा हो सकती है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया सदन को नए वेरिएंट के बारे में बताएंगे. हालांकि, स्वास्थ्य मंत्री ने मंगलवार को राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान बताया था कि देश में अभी तक Omicron वेरिएंट का कोई भी मरीज सामने नहीं आया है. उन्होंने सदन को देश की तैयारियों से भी अवगत कराया था. Also Read - Booster Dose: कोरोना के बूस्टर डोज को लेकर WHO की तरफ से आया यह बयान...

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मंडाविया ‘सहायक प्रजनन प्रौद्योगिकी (विनियमन) विधेयक, 2020’ भी पेश करेंगे. विधेयक सहायक प्रजनन प्रौद्योगिकी क्लीनिकों और सहायक प्रजनन प्रौद्योगिकी बैंकों के विनियमन और पर्यवेक्षण, दुरुपयोग की रोकथाम, सहायक प्रजनन प्रौद्योगिकी सेवाओं के सुरक्षित और नैतिक अभ्यास और उससे जुड़े प्रासंगिक मामले देखते हैं. मौजूदा सत्र के पहले दो दिनों तक डॉ. मंडाविया सदन में लगातार हंगामे के कारण विधेयकों को पेश करने में विफल रहे. Also Read - Jammu Kashmir: बर्फ से ढके पहाड़ों पर 7-8 घंटे पैदल चलकर लगाने जाते हैं कोरोना वैक्सीन, तस्वीरें देख स्वास्थ्यकर्मियों को करेंगे सलाम!

विपक्ष के कुछ राज्यों में महंगाई, बेरोजगारी और सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के विस्तारित अधिकार क्षेत्र पर अपनी आवाज उठाना जारी रखने की संभावना है. विपक्षी दल न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की गारंटी देने वाले कानून की भी मांग कर रहे हैं. कई रिपोर्टें लोकसभा में पेश की जाएंगी. शशि थरूर और राज्यवर्धन राठौर को संचार और सूचना प्रौद्योगिकी पर स्थायी समिति की रिपोर्ट पेश करनी है.

व्यक्तिगत डेटा संरक्षण विधेयक, 2019 पर संयुक्त समिति की रिपोर्ट की प्रस्तुति के लिए संसद के शीतकालीन सत्र को अंतिम सप्ताह तक समय बढ़ाने का भी प्रस्ताव दिया जाएगा.

(इनपुट – आईएएनएस)