भोपाल: मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में वर्ष 1999 में राज्य के तत्कालीन मंत्री लिखीराम कांवरे की हत्या में शामिल रही महिला नक्सली जमुना को छत्तीसगढ़ में पुलिस मुठभेड़ में मार गिराया गया है. जमुना पर 18.50 लाख रुपए का इनाम था. यह मुठभेड़ मंगलवार को राजनांदगांव के जंगल में हुई. राज्य पुलिस मुख्यालय से बुधवार को जारी बयान के अनुसार, सोमवार को छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव व कवर्धा की सीमा पर राज्य के बालाघाट परिक्षेत्र की पुलिस ने छत्तीसगढ़ पुलिस के साथ मिलकर संयुक्त कार्रवाई की. बालाघाट रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) के. पी. वेंकटेश्वर और उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) रविशंकर डहेरिया और पुलिस अधीक्षक अभिषेक तिवारी ने इस अभियान मे हिस्सेदारी ली.

बयान के अनुसार, संयुक्त सर्चिंग अभियान के अंतर्गत बालाघाट से हॉकफोर्स किरनापुर व सीआरपीएफ सुलसुली की संयुक्त टीम एवं छत्तीसगढ़ हॉकफोर्स मलायदा से कमांडर उपनिरीक्षक (सब इंस्पेक्टर) प्रहलाद मरावी व आईटीबीपी की टीम मंगलवार को नक्सलियों की घेरेबंदी के लिए भेजी गई थी.

बयान में कहा गया है, “छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव की पुलिस टीम भावे जंगल क्षेत्र में सर्चिंग में थी. इसी बीच अचानक नक्सलियों से आमना-सामना होने पर मुठभेड़ शुरू हो गई. मुठभेड़ में महिला नक्सली जमुना मारी गई. जमुना तत्कालीन परिवहन मंत्री लिखिराम कांवरे की 16 फरवरी, 1999 को हुई हत्या में शामिल थी. उस पर मध्यप्रदेश शासन ने पांच लाख रुपए इनाम, छत्तीसगढ़ शासन ने आठ लाख रुपए इनाम, जिला गोदिंया (महाराष्ट्र) ने छह लाख रुपए और सीबीआई ने 50 हजार रुपए इनाम घोषित कर रखा था.”

जमुना बालाघाट जिले के लांजी व बैहर अनुविभाग क्षेत्र में सक्रिय रही है. पुलिस रिकार्ड में उसके खिलाफ 45 स्थाई वारंट लंबित हैं. वह 46 अपराधों (हत्या, लूट, आगजनी व अन्य) में संलिप्त थी. पुलिस को मुठभेड़ स्थल से दैनिक सामग्री, कपड़े, बोतल, दवाइयां, राशन, पिट्ठू, जिन्दा कारतूस एवं एक कार्बाइन आदि सामग्री बरामद की गई है.