जेल में बंद महिला कैदी भी अपने पतियों के साथ मना सकेंगी करवा चौथ, कारावास में किया जाएगा ऐसा इंतजाम

Karwa Chauth 2025: आयोग की अध्यक्ष बबिता सिंह चौहान ने कहा कि करवा चौथ केवल एक अनुष्ठानिक व्रत नहीं है बल्कि प्रेम, भक्ति और विश्वास का प्रतीक एक त्यौहार है. आयोग का यह कदम जेल की चारदीवारी के भीतर भी स्नेह, सम्मान और भावनात्मक जुड़ाव की भावना को फिर से जगाने का प्रयास है.

Published date india.com Updated: October 9, 2025 6:15 PM IST
जेल में बंद महिला कैदी भी अपने पतियों के साथ मना सकेंगी करवा चौथ, कारावास में किया जाएगा ऐसा इंतजाम

Karwa Chauth 2025: करवा चौथ पर सुहागन महिलाएं अपने पतियों की लंबी उम्र के लिए व्रत रहती हैं. इस बार शुक्रवार (10 अक्टूबर) को करवा चौथ का व्रत रखा जाएगा, जिसके लिए महिलाएं एक दिन पहले से ही तैयारियों में जुट गई हैं. इस बीच उत्तर प्रदेश की जेलों में बंद महिला कैदियों के लिए भी एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है. कारावास में बंद महिला कैदी भी अब अपने पतियों के साथ करवा चौथ का त्योहार मना सकती है, इतना ही नहीं, वो अपने पतियों की झलक देखकर अपना व्रत भी तोड़ पाएंगी. इसके लिए जेल प्रशासन की तरफ से खास इंतजाम भी किया जाएगा. आपको बता दें कि ये सब महिला आयोग की एक पहल से संभव हो पाया है.

2013 की धारा नौ के तहत लिया गया फैसला

पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग ने महिलाओं के अधिकारों और सम्मान को मजबूत करने के उद्देश्य से एक पहल के तहत बृहस्पतिवार को घोषणा की कि राज्य भर की विभिन्न जिला जेलों में बंद महिला कैदी 10 अक्टूबर को अपने पति के साथ करवा चौथ मना सकेंगी. आयोग ने यहां एक आधिकारिक बयान में कहा कि यह निर्णय उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग (संशोधन) अधिनियम 2013 की धारा नौ के तहत लिया गया है. यह प्रावधान आयोग को यह सुनिश्चित करने का अधिकार देता है कि महिलाओं को कारावास में भी उनके भावनात्मक और पारिवारिक अधिकारों से वंचित न किया जाए.

जेल की चारदीवारी के भीतर होगा करवा चौथ

आयोग की अध्यक्ष बबिता सिंह चौहान ने कहा कि करवा चौथ केवल एक अनुष्ठानिक व्रत नहीं है बल्कि प्रेम, भक्ति और विश्वास का प्रतीक एक त्यौहार है. आयोग का यह कदम जेल की चारदीवारी के भीतर भी स्नेह, सम्मान और भावनात्मक जुड़ाव की भावना को फिर से जगाने का प्रयास है. चौहान ने कहा, ‘महिलाओं के अधिकार न केवल कानूनी हैं बल्कि भावनात्मक और सामाजिक भी हैं. आयोग इन सभी पहलुओं की रक्षा के लिए समान रूप से प्रतिबद्ध है.’

महिला कैदियों के लिए लिखा पत्र

उन्होंने कहा कि राज्य के सभी जिलाधिकारियों को पत्र लिखकर अनुरोध किया गया है कि वे पात्र महिला कैदियों को अपने-अपने पति की उपस्थिति में त्यौहार मनाने की अनुमति देने के लिए आवश्यक व्यवस्था करें. चौहान ने कहा कि यह पहल सभी परिस्थितियों में महिलाओं की गरिमा और संवेदनशीलता को बनाए रखने के आयोग के दृष्टिकोण को जाहिर करती है और महिलाओं के अधिकारों के समग्र संरक्षण के लिए राज्य की प्रतिबद्धता को दर्शाती है.

Also Read:

ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें. India.Com पर विस्तार से पढ़ें India Hindi की और अन्य ताजा-तरीन खबरें

By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts Cookies Policy.