नई दिल्ली: रेलवे ने तय किया है कि महिला कोटे के तहत इस्तेमाल नहीं होने वाली सीटों को पहले वेटिंग लिस्ट की महिला यात्रियों और उसके बाद वरिष्ठ नागरिकों को दिया जाएगा. वर्तमान में यह कोटा चार्ट बनने के समय तक बुकिंग के लिए खुला रहता है और उसके बाद कोटे की बची हुई सीटों को वेट-लिस्ट के यात्रियों के लिए छोड़ दिया जाता है. इस दौरान सीटों का आवंटन लैंगिक आधार पर नहीं होता. रेलवे बोर्ड ने 15 फरवरी के एक सर्कुलर में सभी व्यावसायिक प्रबंधकों को महिला कोटा के तहत आने वाली सीटों के इस्तेमाल के तर्क में सुधार करने के अपने फैसले की जानकारी दी.Also Read - Indian Railway Recruitment 2021: 10वीं पास भारतीय रेलवे में इन पदों पर बिना परीक्षा के पा सकते हैं नौकरी, जल्द करें आवेदन, होगी अच्छी सैलरी

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सर्कुलर के मुताबिक चार्ट बनने के समय महिला यात्रियों के लिए कोटे की अप्रयुक्त सीटों को पहले वेटिंग लिस्ट की महिला यात्रियों को दिया जाए और बाद में वरिष्ठ नागरिकों को. साथ ही इसमें कहा गया, अगर ऐसा कोई भी यात्री नहीं है और सीट खाली रहती है तो ट्रेन में मौजूद टिकट की जांच करने वाला स्टाफ सीट को किसी अन्य महिला यात्री या वरिष्ठ नागरिक को देने के लिए अधिकृत होगा. यह भी पढ़ें: रेलवे का बड़ा ऐलान, परीक्षा के बाद लौटा देगी एग्‍जामिनेशन फीस Also Read - Indian Railways/IRCTC: ट्रेन से सफर करने वालों के लिए खुशखबरी! रेलवे फिर से शुरू कर रही ये सुविधा...

लोकल ट्रेन के महिला डिब्बों में CCTV कैमरे

बता दें कि दक्षिण पूर्वी रेलवे महिला यात्रियों की रक्षा और सुरक्षा बढ़ाने के लिए जल्द ही ईएमयू लोकल ट्रेनों के महिला डिब्बों में निगरानी कैमरे भी लगाने जा रही है. दक्षिणी, पश्चिमी और मध्य रेलवे के इसी तरह के प्रयासों के बाद दक्षिण पूर्वी रेलवे (एसईआर) यह पहल करने जा रही है. एसईआर के प्रवक्ता संजय घोष ने बताया कि मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों में डिब्बों के अंदर किसी भी संदिग्ध गतिविधि का पता लगाने और सुरक्षा कारणों से क्लोज सर्किट टीवी लगाए जाएंगे. घोष ने बताया, ‘हम सुरक्षा उपकरण से लैस दो नए रैक पेश कर रहे हैं जिसमें सीसीटीवी कैमरे लगे हैं.’

(इनपुट पीटीआई)