नई दिल्ली : कई बार लोगों की एक सामान्य चोट लगने पर ही जान चली जाती है, लेकिन पंजाब (Punjab) में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसके बारे में सुनकर हर कोई हैरान रह गया है. दरअसल, पंजाब के के मुक्तसर जिले के गांव सम्मेवाली गांव में लोग उस वक्त सकते में आ गए, जब जमीनी विवाद को लेकर एक 19 वर्षीय पोते ने अपनी ही दादी और बुआ पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी. 19 वर्षीय पोते के इस हमले में, जहां उसकी दादी को दो गोलियां लगीं तो वहीं तीन गोलियां बुआ को भी लगी, यही नहीं एक गोली तो बच्चे की बुआ के जबड़े को चीरती हुई निकल गई, जिससे वह बुरी तरह से खून से लथपथ हो गई.

इस पूरी घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया तो वहीं इतनी गोलियां लगने के बावजूद घायल महिला ने हार नहीं मानी और अपनी मां को लेकर अस्पताल पहुंच गई. सुमीत कौर ने इन सबके बाद भी ना सिर्फ अपनी बल्कि अपनी मां की भी जान बचाई. अपनी मां की जान बचाने के लिए सुमीत कौर ने अपनी मां सुखजिंदर को उठाया और कार में बैठाया, इसके बाद कार ड्राइव कर 28 किलोमीटर दूर अस्पताल पहुंचीं, जहां इलाज के बाद उनकी जान बच गई.

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डॉक्टर्स के मुताबिक सुमीत कौर और उनकी मां सुखजिंदर को लगी गोलियां निकाल दी गई हैं और दोनों की हालत अब पहले से बेहतर है. दोनों ही महिलाएं अब खतरे से बाहर हैं. डॉक्टर्स ने बताया कि सुमीत के सिर में 3 गोलियां लगी थीं, वहीं एक गोली उनकी पीछे गर्दन में फंसी हुई थी, लेकिन इन सब के बाद भी महिला होश में थी और यह सब देखकर डॉक्टर्स भी हैरान रह गए थे. वहीं, मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने सुमीत के भतीजे कंवरप्रीत सिंह के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और फरार कंवरप्रीत की तलाश शुरू कर दी है