नई दिल्ली: पति और ससुरालियों से अनबन क्या हुई, महिला को अपने सबसे बुरे दौर से गुजरना पड़ा. अनबन के बाद घर छोड़ने पर एक रिश्तेदार ने घर ले जाने का वादा किया, लेकिन उसने कहीं और ले जाकर बेच दिया. दिल्ली लाई गई महिला बार-बार बेची गई. कभी किसी ने 20 हजार तो कभी 50 हजार में खरीदा, जिसने भी खरीदा उसने कई लोगों के साथ मिलकर गैंगरेप किया. उसे जबरन बीयर पिलाई जाती, ज्यादा नशा हो इसलिए नशीली दवा भी मिलाई जाती. दिल्ली में एक माह तक लगातार अलग-अलग जगहों पर अलग-अलग लोगों द्वारा गैंगरेप के बाद युवती किसी तरह चंगुल से छूट निकली. पुलिस ने भी मदद नहीं की. अब एक संस्था की मदद से महिला अपने दर्द की कहानी लेकर दिल्ली महिला आयोग पहुंच गई है.

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पहली बार तीस हजार में बिकी
ये दर्दनाक कहानी उत्तर प्रदेश के बांदा ज़िले के बबेरू इलाके की रहने वाली एक 23 वर्षीय महिला की है. महिला के अनुसार, उसकी करीब एक माह पहले अपने पति और ससुराल के लोगों से अनबन हो गई. रिश्ते में देवर लगने वाले एक युवक ने उसे घर मायके पहुंचने में मदद की बात कही, लेकिन मायके न पहुंचाकर युवक उसे कहीं और ले गया. उसने कुछ दिन दो लड़कियों के साथ उसे एक कमरे में ठहराया। इसके बाद उसे दिल्ली ले आया. दिल्ली में उसने दोस्तों के साथ मिलकर उसके साथ गैंगरेप कराया. घटना को अंजाम देने के बाद रिश्ते में देवर लगने वाले शख्स ने उसे एक अन्य शख्स को 30 हजार रुपए में बेच दिया. युवती के अनुसार, जिसने खरीदा उसने उसके साथ कुछ दिन तक अलग-अलग लोगों के साथ मिलकर गैंगरेप किया. कुछ दिन तक रखने और गैंगरेप के बाद उसे किसी और के हाथ बेच दिया.

बीयर में नशीली दवा मिलकर किया गैंगरेप
महिला ने बताया कि तीसरे शख्स ने भी उसे कुछ दिन बंधक बनाकर रखा और रेप करने के साथ ही अन्य से भी गैंगरेप कराया. बार-बार उसके साथ गैंगरेप किया गया. महिला बताती है कि उसे बीयर पिलाई जाती थी. ज़्यादा नशा और बेहोशी हो जाए, इसलिए बीयर में नशीली दवा भी मिला देते थे. फिर एक के बाद एक कई लोग रेप करते थे. उसे रात-दिन सोने तक नहीं देते थे. महिला किसी तरह से चंगुल से छूट निकली. वह दिल्ली पुलिस के पास पहुंची, लेकिन मदद नहीं मिली.

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दिल्ली पुलिस ने भी किया उत्पीड़न, आयोग पहुंची महिला
इसके बाद वह बंधुआ मुक्ति मोर्चा के संपर्क में आ गई. महिला ने आपबीती बताई. मुक्ति मोर्चा द्वारा पुलिस के पास ले जाया गया, लेकिन पुलिस ने ही उसे उलटा गलत ठहरा दिया और थाने में बैठाते हुए मामला रफा-दफा करने का दबाव बनाया. पीड़िता ने दिल्ली महिला आयोग के नाम भेजे शिकायती पत्र में बताया कि दिल्ली के रानीबाग थाना इंचार्ज के पास खुद पर हुए जुल्मों की शिकायत दर्ज करवानी चाही तो पुलिस वालों ने एफआईआर दर्ज करने के बजाय उसी का उत्पीड़न करना शुरू कर दिया. 14 दिसंबर को महिला से कहा कि वो खुद ही गलत है. पुलिस ने उनमें से कुछ लोगों को बुला भी लिया, जिन्होंने उसके साथ गैंगरेप किया. और कहा कि इनसे रुपए लेकर मामला खत्म कर दो. बंधुआ मुक्ति मोर्चा ने अब महिला को न्याय दिलाने के लिए दिल्ली महिला आयोग का दरवाजा खटखटाया है. मुक्ति मोर्चा के अनुसार वह उम्मीद है आयोग द्वारा महिला को मदद मिलेगी.