नई दिल्ली: महिलाएं अब सेना की सैन्य पुलिस कोर में भी चरणबद्ध रूप से शामिल होंगी. रक्षा राज्यमंत्री सुभाष भामरे ने सोमवार को राज्यसभा को अनिल देसाई के प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी है. उन्होंने बताया ‘हमारा हमेशा से प्रयास रहा है कि सभी राज्यों के लोगों को सेना में प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिले.’ देसाई ने जानना चाहा था कि क्या सेना पुलिस में महिलाओं की भर्ती करने पर विचार हो रहा है और क्या प्रत्येक राज्य को पर्याप्त प्रतिनिधित्व का अवसर मिलेगा. साथ ही उन्होंने बताया कि रक्षा बजट में वर्ष-दर-वर्ष बढ़ोत्तरी हो रही है.

भामरे ने विकास महात्मे के प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि भारतीय सेना में चिकित्सा, दंत चिकित्सा और नर्सिंग को छोड़ कर अन्य शाखाओं में 1561 महिला अधिकारी कार्यरत हैं. वायु सेना में चिकित्सा, दंत चिकित्सा और नर्सिंग को छोड़ कर अन्य शाखाओं में 1594 और भारतीय नौसेना में चिकित्सा, दंत चिकित्सा और नर्सिंग को छोड़ कर अन्य शाखाओं में 644 महिला अधिकारी कार्यरत हैं.

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उन्होंने बताया कि भारतीय सेना में पुरूष अधिकारियों की संख्या 41074, वायु सेना में 10781 तथा नौसेना में 10652 है. भामरे ने बताया कि मौजूदा नीति के अनुसार, महिला अधिकारियों को भारतीय सेना की उन शाखाओं में शामिल नहीं किया जाता जो सीधे युद्ध से जुड़ी हैं. उन्होंने बताया कि तीन महिला फाइटर पायलटों के पहले बैच को वर्ष 2016 में भारतीय वायु सेना में कमीशन दिया गया है. भामरे ने बताया ‘भारतीय नौसेना में महिला अधिकारियों को युद्ध, युद्धक सहायता और अन्य सहायता की भूमिका में तैनात किया जाता है. नौसेना में विधि और शिक्षा तथा नौसेना निर्माण शाखा में महिला अफसरों के लिए स्थायी कमीशन की नीति को अंतिम रूप दिया जा चुका है.’

रक्षा बजट में कटौती की बात सिरे से खारिज

वहीं, सरकार ने रक्षा बजट में कटौती किए जाने की बात को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि रक्षा के लिए बजट में वर्ष दर वर्ष वृद्धि हो रही है. रक्षा राज्यमंत्री डॉ. सुभाष भामरे ने सोमवार को राज्यसभा को एयू सिंह देव के प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि वर्ष 2017-18 में बजट आकलन 3,59,854.12 करोड़ रूपये था, जबकि 2018-19 में यह 4,04364.71 करोड़ रूपये है जो 44,510.59 करोड़ रूपये अधिक है. उन्होंने बताया कि सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए सेना को तैयार रखने के उद्देश्य से सशस्त्र सेनाओं का आधुनिकीकरण एक सतत प्रक्रिया है.

राजीव चंद्रशेखर के प्रश्न के लिखित उत्तर में उन्होंने बताया कि सरकार ने सशस्त्र बल न्यायाधिकरण के रक्षा कर्मियों को वेतन समानता और ‘नॉन फंक्शनल अपग्रेडेशन’ प्रदान करने के आदेश पर रोक लगाने के लिए उच्चतम न्यायालय में आवेदन किया है. यह मामला अभी न्यायालय में विचाराधीन है.