Women Reservation Bill: राहुल गांधी ने इस बिल को बिना शर्त समर्थन की पेशकश की थी

तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष ने 16 जुलाई 2016 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को यह पत्र लिखकर महिला आरक्षण विधेयक पारित कराने का आग्रह किया था

Published date india.com Published: September 19, 2023 12:02 AM IST
Women Reservation Bill: राहुल गांधी ने इस बिल को बिना शर्त समर्थन की पेशकश की थी
कांग्रेस नेता राहुल गांधी सोमवार को संसद पहुंचे. (पीटीआई फोटो )

Women Reservation Bill: मोदी सरकार की कैबिनेट ने आज सोमवार को देर रात संसद के विशेष सत्र में बिल पेश करने की चर्चा की है. सूत्रों ने कहा कि  महिला आरक्षण विधेयक (Women’s Reservation Bill) को हरी झंडी दे दी गई है. वहीं,  विपक्षी दल कांग्रेस ने आज महिला आरक्षण विधेयक लाने की मांग की थी.

मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल ने  ‘एक्स’ पर पोस्ट हटाया

केन्द्रीय राज्य मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल ने सोमवार को कहा कि मंत्रिमंडल ने महिला आरक्षण विधेयक को मंजूरी दे दी है, लेकिन उन्होंने एक घंटे के भीतर ही अपना यह पोस्ट सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर हटा दिया. मंत्रिमंडल की बैठक में क्या चर्चा हुई, इस संबंध में अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं जारी किया गया है, लेकिन ये अटकलें लगाई जा रही हैं कि इसमें महिला आरक्षण विधेयक को मंजूरी दी गई है. राज्य मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल केन्द्र सरकार में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग और जल शक्ति राज्य मंत्री हैं.

तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष  ने  2016 में इस बिल को बिना शर्त के समर्थन की पेशकश की थी

बता दें कि तत्कालीन कांग्रेस ( Congress ) अध्यक्ष राहुल गांधी ( Rahul Gandhi ) ने साल 2016 में इस बिल को दलगत राजनीति से ऊपर उठकर बिना शर्त के समर्थन ( unconditional support ) की पेशकश की थी. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने साल 2016 में इस बिल को संसद में बिना शर्त के समर्थन देने की पेशकश की थी. राहुल ने ट्विटर पर एक पोस्ट में अपने एक पत्र को शेयर करते हुए लिखा था. दलगत राजनीति से ऊपर उठें, अपनी बात पर चलें और महिला आरक्षण विधेयक को संसद से पारित कराएं. कांग्रेस उन्हें बिना शर्त समर्थन की पेशकश करती है. प्रधानमंत्री को लिखा मेरा पत्र संलग्न है.

पीएम मोदी को लिखा अपना पत्र साझा किया था

एक ट्विटर पोस्ट में राहुल गांधी ने  पीएम मोदी को लिखा अपना पत्र साझा किया था, जिसमें पार्टी ने कहा कि वह संसद में महिला आरक्षण विधेयक के पारित होने का बिना शर्त समर्थन करेगी. तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने 16 जुलाई 20 16 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को यह पत्र लिखकर 18 जुलाई से शुरू होने वाले संसद के मानसून सत्र में महिला आरक्षण विधेयक को पारित कराना सुनिश्चित करने का आग्रह किया था.

संसद से पारित कराने का समय आ गया है

राहुल ने भी विधेयक को अपनी पार्टी के बिना शर्त समर्थन की पेशकश की थी और जोर देकर कहा कि बदलाव का समय आ गया है, और महिलाओं को राज्य विधानसभाओं और संसद में अपना उचित स्थान लेने का समय आ गया है. हमारे प्रधानमंत्री कहते हैं कि वह महिला सशक्तिकरण के लिए योद्धा हैं? उनके लिए दलगत राजनीति से ऊपर उठने, अपनी बात कहने और महिला आरक्षण विधेयक को संसद से पारित कराने का समय आ गया है. कांग्रेस उन्हें बिना शर्त समर्थन की पेशकश करती है.

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विधेयक पेश किया जा सकता है

सरकारी सूत्रों ने पहले संकेत दिया था कि मंत्रिमंडल ने विधेयक को मंजूरी दे दी है और उसे संसद में पेश किए जाने की संभावना है. संसद के नये भवन में मंगलवार को होने वाली सदन की बैठक में महिला आरक्षण विधेयक पेश किया जाएगा, या नहीं इस संबंध में सवाल करने पर सरकार के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा, इसे संसद में पेश किया जा सकता है. पटेल पहले स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री थे, लेकिन मंत्रिमंडल में हाल में हुए फेरबदल में उन्हें राज्यमंत्री बना दिया गया।.

पांच दिवसीय विशेष सत्र के पहले दिन 90 मिनट तक बैठक हुई

संसद के पांच दिवसीय विशेष सत्र के पहले दिन की बैठक के बाद केन्द्रीय मंत्रिमंडल की आज शाम करीब 90 मिनट तक बैठक हुई. मंत्रिमंडल की बैठक की अध्यक्षता प्रधानमंत्री मोदी ने की. सूत्रों ने बताया कि भाजपा के विभिन्न मंत्रियों और सांसदों से आने वाले दिनों में अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्र की महिलाओं को संसद लाने को कहा गया है.

राज्यसभा में  2010 में पारित विधेयक में 33 प्रतिशत महिला आरक्षण का प्रावधान था

भाजपा अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने सोमवार को ऐसे कई लोगों से मुलाकात भी की. दलगत भावना से ऊपर उठकर, नेताओं ने महिला आरक्षण विधेयक लाने की मांग की है. इसके तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण मुहैया होगा. राज्यसभा द्वारा 2010 में पारित महिला आरक्षण विधेयक में लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान था. इससे पहले, मीडिया को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भले ही संसद का यह सत्र छोटा हो, लेकिन इसमें ऐतिहासिक निर्णय लिया जाएगा.

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