नई दिल्ली. दिल्ली के रामलीला मैदान में बुधवार को मजदूर किसान रैली आयोजति है. इसमें शामिल होने के लिए देश भर से किसान दिल्ली पहुंचे हैं. देश के अलग-अलग राज्यों से हजारों लोग मंगलवार से ही राजधानी पहुंचने लगे थे. बताया जा रहा है कि वे जंतर मंतर के पार्लियामेंट स्ट्रीट पर भी मार्च करेंगे. Also Read - अरविंद केजरीवाल का शपथ ग्रहण आज, रामलीला मैदान में लगे पोस्टर - 'नायक-2 इज बैक अगेन'

इस प्रदर्शन को सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन (CITU), ऑल इंडिया किसान सभा (AIKS) और ऑल इंडिया एग्रिकल्चर वर्कर्स यूनियन (AIAWU) ने आयोजित किया है. एआईकेएस के एक सदस्य का कहना है कि दिहाड़ी का मुद्दा ही किसानों और मजदूरों को एकजूट कर पाया है. किसानों को निम्नतम समर्थन मूल्य नहीं मिल पा रहा है और मजदूरों को दिहाड़ी. Also Read - आप को उम्मीद, केजरीवाल के शपथ ग्रहण समारोह में पहुंचेंगे एक लाख लोग

दिल्ली आए किसानों-मजदूरों ने इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सवाल किया कि उन्होंने दो करोड़ नौकरी देने का वादा किया था. लेकिन नौकरियां कहां हैं? यदि सरकार नीतियों को नहीं बदल सकती है तो किसान-मजदूर सरकार को बदल देंगे. Also Read - दिल्ली में बोले पीएम मोदी- नागरिकता कानून, NRC का भारतीय मुस्लिमों से कुछ लेना-देना नहीं

सीटू की अध्यक्ष हेमलता ने कहा, हम लेबर लॉ को प्रभावी तरीके से लागू करने की मांग करते हैं. न्यूनतम दिहाड़ी, ज्यादा नौकरियां, एक करोड़ आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के मान्यता और आशा वर्कर को वर्कफोर्स के रूप में मान्यता की मांग करते हैं.

बता दें कि आंदोलन को देखते हुए वहां राज्य स्तरीय एक कैंप लगाया गया है. इसमें मेडिकल कैंप भी है. दिल्ली सरकार की चार सदस्यों की टीम जरूरी दवाइयों के साथ सुबह 10 से शाम 5 बजे तर वहां रहेगी.