नई दिल्ली: आज से देश में कोरोना के खिलाफ आखिरी जंग शुरू हो गई है और अब लोगों को कोरोना वैक्सीन देने का काम शुरू हो गया है, लेकिन अभी सिर्फ फ्रंट लाइन कोरोना वारियर्स को ही वैक्सीन लगाई जा रही है. गृह मंत्री अमित शाह ने कोविड-19 टीकाकरण अभियान की सराहना करते हुए शनिवार को कहा कि विश्व का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान भारत के वैज्ञानिकों की अपार क्षमता और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प का परिचायक है .Also Read - IMF ने 2022 में भारत की वृद्धि दर का अनुमान 9 प्रतिशत किया, चीन 4.8%, यूएस 4% फीसदी पर रहेंगे

शाह ने ट्वीट किया, ‘‘ यह अभियान हमारे नेतृत्व की शक्ति को दर्शाता है और यह विश्वपटल पर एक नये आत्मनिर्भर भारत का उदय है.’’ टीका के लिये वैज्ञानिकों की प्रशंसा करते हुए शाह ने कहा कि भारत उन चुनिंदा देशों में से एक है जिसने मानवता के विरुद्ध आए सबसे बड़े संकट को समाप्त करने की दिशा में विजय पायी है. Also Read - 'कोरोना के खिलाफ लड़ाई अब भी जारी, हमें सतर्क रहना चाहिए'- गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति के संबोधन की खास बातें

शाह ने कहा, ‘‘ इस अभूतपूर्व उपलब्धि से हर भारतीय गौरवान्वित है और यह विश्वपटल पर एक नये आत्मनिर्भर भारत का उदय है.’’ केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाला यह ‘नया भारत’ आपदाओं को अवसर में और चुनौतियों को उपलब्धियों में बदलने वाला भारत है. Also Read - Omicron variant new strain: इंदौर में ओमीक्रोन वैरियंट के नए स्ट्रेन BA.2 के कई मामल मिले, 6 बच्चे भी आए चपेट में

शाह ने कहा कि यह ‘मेड इन इंडिया’ वैक्सीन आत्मनिर्भर भारत के संकल्प की परिचायक है. उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक दिन पर वह सभी कोरोना योद्धाओं को कोटि-कोटि नमन करते हैं .

गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कोरोना वायरस के विरुद्ध लड़ाई में भारत ने एक अहम पड़ाव को पार किया है और विश्व का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान भारत के वैज्ञानिकों की अपार क्षमता और हमारे नेतृत्व की शक्ति को दर्शाता है.

गौरतलब है कि नरेन्‍द्र मोदी ने शनिवार को कोविड-19 के खिलाफ भारत के टीकाकरण अभियान की शुरुआत की. इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह विश्व का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान है और यह भारत की सामर्थ्य को दर्शाता है. प्रधानमंत्री ने कहा कि वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों के ‘मेड इन इंडिया’ टीकों की सुरक्षा के प्रति आश्वस्त होने के बाद ही इनके उपयोग की अनुमति दी गई है.